Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम की एक रिहायशी सोसाइटी में मंगलवार सुबह उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया जब SS Group के प्रतिनिधि और मजदूर बिना पहले से इजाजत लिए सोसाइटी के अंदर आ गए।
Gate पर बताया है कि वे Plot No. 48 तक जाने की बात कर रहे थे, लेकिन उन्होंने रास्ता बदलकर Plot No. 46 में निर्माण का सामान उतारना शुरू कर दिया।

सोसाइटी के लोकल रेजिडेंट्स ने आरोप लगाते हुए कहा कि करीब 15 से 20 साल पहले बनी इस सोसाइटी में करीब 500 परिवार रहते हैं और जब इसको बनाया गया तो बिल्डर की तरफ से क्लब हाउस बनाने की बात की गई थी लेकिन कई बार मांग करने बावजूद कभी यहां क्लब हाउस बना ही नहीं। समय के साथ साथ यहां पार्क विकसित हो गया और यहां पर लोग अपना समय व्यतीत करने लगे कि अचानक बिल्डर वहां कंस्ट्रक्शन मटेरियल लेकर आ धमका और जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ हाथापाई करने की कोशिश की गई। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि Plot No. 46 को शुरू से ही “क्लब/कम्युनिटी एरिया” के रूप में दिखाया गया था। समय के साथ यह जगह एक पार्क और कॉमन एरिया बन गई है, जहां बच्चे खेलते हैं और बुजुर्ग समय बिताते हैं। लोगों के मुताबिक, जब उन्होंने इस काम का विरोध किया, तो बिल्डर के कर्मचारियों ने धक्का-मुक्की की और आक्रामक व्यवहार किया, जिससे सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बीच-बचाव करते हुए बिल्डर के लोगों को वहां से वापस भेज दिया। हालांकि, आरोप है कि वे लोग दोबारा आने की बात कह रहे हैं।
खास बात यह है कि Plot No. 46 का मामला पहले से कोर्ट में चल रहा है और इसकी अगली सुनवाई 6 अप्रैल को है। ऐसे में लोगों का कहना है कि बिना कानूनी अनुमति और RWA की मंजूरी के इस तरह का काम करना गलत है।
लोगों ने इस घटना को जबरन घुसना, माहौल खराब करना और विवाद वाली जगह की स्थिति बदलने की कोशिश बताया है।




