Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 14 जनवरी। श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 21 नवंबर, 2025 से लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं—वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यवसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य शर्त संहिता—से मिलने वाले हितलाभों एवं सुरक्षाओं से अवगत कराने तथा ईएसआईसी की स्प्री योजना की 31 जनवरी, 2026 तक बढ़ाई गई समय-सीमा के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से उप क्षेत्रीय कार्यालय, गुरुग्राम में सेमीनार-सह-प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक (प्रभारी) सुनील यादव ने की।
इस अवसर पर निदेशक (प्रभारी) सुनील यादव ने कहा कि श्रम संहिताओं के लागू होने से देश के श्रमबल के लिए बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्य-पर्यावरण, सामाजिक सुरक्षा और समग्र कल्याण के एक नए युग का सूत्रपात होगा। नई श्रम संहिताएं पुराने श्रम कानूनों का एकीकरण करते हुए सभी क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए सम्मानजनक कार्यस्थल और कानूनी रूप से सुनिश्चित, स्थायी स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेंगी। उन्होंने विशेष रूप से जोखिम-भरे क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए पूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा के अधिकार पर बल दिया।
उन्होंने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के लागू होने से होने वाले प्रमुख परिवर्तनों की जानकारी दी। इसके अंतर्गत हरियाणा में ईएसआईसी कवरेज और लाभों का महत्वपूर्ण विस्तार होगा। गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों सहित सभी कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में शामिल किया जाएगा। नियोक्ताओं के लिए 40 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों की वार्षिक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच अनिवार्य होगी। ईएसआईसी कवरेज का देश-व्यापी विस्तार किया गया है; 10 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए कवरेज स्वैच्छिक तथा खतरनाक कार्यों में लगे एक भी कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य होगा। अनुबंध कामगारों को मुख्य नियोक्ता द्वारा स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा लाभ तथा वार्षिक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच उपलब्ध कराई जाएगी। बागान एवं खदान श्रमिकों को ओएसएचडब्ल्यूसी और सामाजिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत लाते हुए ईएसआई मेडिकल सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
निदेशक (प्रभारी) ने अन्य प्रमुख लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये संहिताएं सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करती हैं और हरियाणा के श्रम पारितंत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाती हैं। महिलाओं को उनकी सहमति एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ रात्रि पाली सहित सभी प्रकार के कार्यों की अनुमति देकर समान अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। समान कार्य के लिए समान वेतन का प्रावधान लागू है। रोजगार के औपचारिकीकरण हेतु सभी कामगारों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा तथा समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
ईएसआईसी द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए सुनील यादव ने बताया कि स्प्री योजना 31 जनवरी, 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत वे उद्योग एवं कर्मचारी जो अब तक ईएसआईसी से नहीं जुड़े हैं, बिना पुराने बकाया की मांग के पंजीकरण करा सकेंगे। नियोक्ता ईएसआई पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल एवं कंपनी मामलों के पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण की तिथि या घोषित तिथि से प्रतिष्ठान/कर्मचारी कवर माने जाएंगे और उसी तिथि से ईएसआई लाभ उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि कि इस योजना का आधार दंडात्मक कार्रवाई नहीं बल्कि स्वैच्छिक अनुपालन है, जिससे मुकदमेबाज़ी में कमी आएगी और नियोक्ताओं-कर्मचारियों के बीच विश्वास एवं सहयोग का वातावरण सुदृढ़ होगा। साथ ही, सर्व-क्षमा (एमनेस्टी) योजना-2025 के अंतर्गत 1 अक्टूबर, 2025 से 30 सितंबर, 2026 तक एकमुश्त विवाद समाधान का प्रावधान किया गया है, जिससे कवरेज, ब्याज एवं अन्य विवादों का निपटारा कर अनुपालन को और अधिक मज़बूत किया जाएगा।
सेमीनार-सह-प्रेस वार्ता में उप निदेशक सचिन सिंह, उप निदेशक दीपक शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वीटी यादव, सहायक निदेशक कमलेन्द्र, सहायक निदेशक प्रमोद कुमार तथा सामाजिक सुरक्षा अधिकारी मनोज सचदेवा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।



