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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 24 जनवरी। फरीदाबाद में बना देश का जानवरों के लिए पहला श्मशान घाट। अब मरने के बाद खुले में नहीं फेंकी जाएंगी कुत्ते, बिल्ली, बंदर, बकरी आदि की लाशें। नगर निगम और एक निजी संस्था के सहयोग से जानवरों के श्मशान घाट का निर्माण किया गया है। जिसमें नगर निगम ने जगह उपलब्ध करवाई है, जबकि संस्था द्वारा तमाम देखरेख की जाएगी और इस श्मशान घाट में 80 किलो वजन तक के जानवरों का दाह संस्कार होगा। बीते दिनों कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने इसका शुभारंभ किया था।
दरअसल, फरीदाबाद के बुढ़ाना गांव में पहला कुत्तों का श्मशान घाट बनाया गया है। जिसमें मरने वाले सभी पालतू या घरेलू कुत्तों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिससे शहर की स्वच्छता और सफाई में भी सुधार आएगा। वहीं, जानकारी देते हुए निगम के अधिकारी नीतीश अग्रवाल ने बताया कि फरीदाबाद में पहला कुत्तों का श्मशान घाट बनाया गया है। पहले कुत्ते के मरने के बाद उनकी लाश को यूं ही खुले में फेंक दिया जाता था, परंतु अब ऐसा नहीं होगा। अब जो भी कुत्ते मरेंगे उनकी लाश का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके लिए निगम की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। जिसमें कुत्तों की लाश लाने के लिए मोर्चरी की गाड़ी और निगम के कर्मचारी मौजूद रहेंगे।
वहीं, जानकारी देते हुए एएपीएसआई संस्था के पदाधिकारी विनीत खट्टर ने बताया कि यह जगह हमें निगम द्वारा अलॉट की गई थी। जिस पर हमारी संस्था के अध्यक्ष सुनील गुलाटी जो की एक पूर्व रिटायर आईएएस अधिकारी हैं उनके और निगम के सहयोग से यहां पर 80 किलो वेट तक के सभी जानवरों के लिए श्मशान घाट बनाया गया है। जिसमें कुत्ते, बिल्ली, बंदर, बकरी आदि सभी का दाह संस्कार किया जाएगा। वहीं, विनीत ने यह भी बताया कि यह श्मशान घाट निःशुल्क सेवा पर चलाया जाएगा। किसी के भी घर में या सड़क हादसे में किसी जानवर की मृत्यु होती है तो उसके लिए हमारी टीम जाएगी और उसकी लाश को लाकर उसका दाह संस्कार लकड़ियों की जगह गोबर के उपलों से किया जाएगा। जिससे पॉल्यूशन के साथ-साथ शहर की साफ सफाई की व्यवस्था में भी सुधार आएगा।



