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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 3 फरवरी। 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में जहां देश-विदेश के शिल्पकार अपनी कला का जौहर दिखा रहे हैं। वहीं, इस बार लगभग 50 देश अपनी भागीदारी कर रहे हैं जिनमें तुर्की के इस्तानगुल का क्राफ्ट मेला दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्टॉल पर प्रदर्शित किए गए रंग-बिरंगे लैंप, झूमर, वॉल हैंगिंग क्राफ्ट और विभिन्न तरह के शोपीस सबको अपनी और आकर्षित कर रहे हैं। इस स्टॉल पर ₹3000 से लेकर 45000 रुपये तक का क्राफ्ट उपलब्ध है और मेले में हर साल इनके द्वारा अपनी भागीदारी की जाती रही है।
तुर्की देश के इस्तानगुल की स्टॉल पर, पिछले 25 वर्षों से काम कर रहे भारतीय मूल के कृष्णानंद तिवारी ने बताया कि वह पिछले कई सालों से इनके साथ काम कर रहे हैं और हर साल सूरजकुंड मेले में वह उनके साथ यहां आते हैं। उन्होंने बताया कि तुर्की देश के इस्तानगुल का क्राफ्ट जहां भारत में बहुत पसंद किया जाता है और इस सूरजकुंड मेले में हर साल बहुत इस क्राफ्ट की बहुत मांग बनी रहती है और लोग खूब पसंद करते हैं। वहीं, उन्होंने बताया कि इस स्टॉल पर रंग-बिरंगे लैंप, झूमर, वॉल हैंगिंग क्राफ्ट और विभिन्न तरह के शोपीस सबको अपनी और आकर्षित कर रहे हैं और इस स्टॉल पर ₹3000 से लेकर 45000 रुपये तक का क्राफ्ट उपलब्ध है।
वहीं, इस स्थल पर खरीददारी करने वाले मेला दर्शकों ने बताया कि यहां का क्राफ्ट बिल्कुल यूनिक है और ऐसी चीज दिल्ली तक में भी नहीं देखने को मिलती हैं और यह सिर्फ सूरजकुंड मेले में ही देखी जा सकती हैं। वहीं, मेला दर्शकों का कहना था कि इस क्राफ्ट की जितनी भी तारीफ की जाए कम है क्योंकि यह बहुत ही नायाब है।



