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गुरुग्राम, 28 जनवरी। गुरुग्राम में लव जिहाद का मामला सामने आया है। तीन बच्चों के पिता ने आरव बन कर पहले युवती को फंसाया फिर उसके साथ मंदिर में शादी कर ली। जब शादी के बाद वह गर्भवती हो गई तो उसपर गर्भपात करवाने का दवाब भी डाला। बच्चा होने के बाद आरव का सच सामने आने पर युवती के होश उड़ गए। इसके बाद तो युवती पर लगातार धर्मपरिवर्तन का दवाब डाला जाने लगा और उसके साथ मारपीट की जाने लगी। 26 जनवरी को जहां जब पूरा देश 77वॉ गणतंत्र दिवस मनाया रहा था, वहीं युवती का पति उसे बुरी तरह पीट रहा था। जिसके बाद युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए झूठा धर्म बताकर शादी करके, मारपीट व जान से मारने की धमकी देकर जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास करने के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को पुलिस थाना सेक्टर-14 को सूचना प्राप्त हुई कि एक महिला गंभीर चोटों के कारण इलाज हेतु सरकारी अस्पताल सेक्टर-10 में दाखिल है।
उक्त सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए पुलिस अस्पताल पहुंची, जहां पीड़िता की MLR रिपोर्ट प्राप्त की गई तथा डॉक्टर से राय ली गई तो डॉक्टर द्वारा पीड़िता को फिट-फॉर स्टेटमेंट बतलाया। पुलिस पीड़िता से मिली तो पीड़िता ने एक लिखित शिकायत के माध्यम से बतलाया कि वह वर्ष-2022 में सेक्टर-15 में स्थित एक कम्पनी में इंश्योरेंस विभाग में कार्यरत थी। इसी दौरान इसकी मुलाकात तारीफ नामक व्यक्ति से हुई, जो इंश्योरेंस कार्य के सिलसिले में वहां आया था। तारीफ ने इसे अपने मालिक आरव का मोबाइल नंबर दिया तथा बताया कि उनकी एस.एस. एंटरप्राइज नाम की फर्म है। इसके बाद उसकी फोन पर आरव से बातचीत होने लगी। आरव ने स्वयं को हिंदू बताते हुए उससे इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी तथा धीरे-धीरे विश्वास जीतकर प्रेम संबंध स्थापित कर लिए। आरव ने उसके परिवार से भी मुलाकात की और स्वयं को गुरुग्राम में ठेकेदारी का कार्य करने वाला, अविवाहित तथा पारिवारिक जिम्मेदारियों से मुक्त बताया। आरव ने धोखाधड़ीपूर्वक पहचान छुपाकर 4 नवंबर 2022 को सोहना-पलवल रोड स्थित मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उससे विवाह किया। विवाह के पश्चात जब वह गर्भवती हुई तो आरव द्वारा उसपर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। डॉक्टर द्वारा गर्भ 6 माह का बताने व गर्भपात को जोखिमपूर्ण बताए जाने पर आरव ने उसके साथ मारपीट की। डिलीवरी के समय आरव उसको मेदांता हॉस्पिटल सेक्टर-47 में छोड़कर चला गया तथा बच्चे के जन्म के बाद वापस आया।
बच्चे के जन्म के पश्चात आरव के सहयोगी तारीफ द्वारा उसको बताया गया कि आरव हिंदू नहीं है, उसका वास्तविक नाम आरिफ है, उसकी पहले से शादी हो चुकी है और उसके 3 बच्चे हैं। यह जानकारी मिलने पर पीड़िता मानसिक रूप से अत्यधिक आहत हुई। वर्ष-2023 में आरव उसको गांव धुनेला लेकर गया। जहां आरव की मां जैतूनी, पत्नी अर्शिदा, भाई इरशाद, नोमेन व मोमेन द्वारा उसके साथ मारपीट की गई तथा उस पर जबरन धर्म परिवर्तन करके नमाज पढ़ने का दबाव बनाया गया।
डर के कारण वह एक दिन चुपचाप अपने गांव चली गई और बच्चे को उनके पास ही छोड़कर राजीव नगर गुरुग्राम में रहने लगी। 26 जनवरी को आरव उर्फ आरिफ ने उसके किराए के मकान पर आकर उसके साथ मारपीट की और धर्म परिवर्तन न करने पर जान से मारने की धमकी दी।
उपरोक्त शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सेक्टर-14 में BNS की संबंधित धाराओं व हरियाणा गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत अभियोग अंकित किया गया।
पुलिस थाना सेक्टर-14 ने इस मामले में मुख्य आरोपी व उसके साथी आरोपी सहित 2 आरोपियों को आज धुनेला गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान आरिफ उर्फ फर्जी आरव (उम्र-35 वर्ष) तथा तारीफ (उम्र-34 वर्ष) दोनों निवासी गांव धुनेला जिला गुरुग्राम के रूप में हुई।
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि तारीफ पहले आरिफ के यहां ड्राइवर का काम करता था तथा वर्ष-2022 में आरिफ ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता था। दोनों ने मिलकर साजिश के तहत पीड़िता को इंश्योरेंस पॉलिसी के माध्यम से संपर्क में लाकर फर्जी पहचान के सहारे प्रेमजाल में फंसाया, मंदिर में विवाह किया और बाद में जबरन धर्मपरिवर्तन का दबाव बनाकर उसके साथ मारपीट की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस द्वारा आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। अभियोग का अनुसंधान जारी है।



