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फरीदाबाद अजय (वर्मा), 23 सितंबर। फरीदाबाद में बहुचर्चित मनोज नामक युवक की मौत के मामले में पुलिस चार युवकों को पकड़ा है। पुलिस उनसे गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस वारदात में प्रयोग महिंद्रा थार को भी जब्त कर लिया है। जिसकी टक्कर से मनोज की मौत हो गई थी। परिजन इसे हत्या का मामला बताते हुए पुलिस पर इस मामले को दबाने का आरोप लगा रहे हैं। परिजनों का आरोप है हत्या में एसीपी का बेटा भी शामिल है। जिसे बचाने की पुलिस पुरजोर कोशिश कर रही है।
आपको बात दें कि फरीदाबाद में सेंट्रल थाने के अंतर्गत् (एसीपी राजेश लोहान के नाम से रजिस्टर्ड ) थार गाड़ी की टक्कर से हुई मनोज नाम के युवक की मौत होने के बाद से मृतक के परिजनों ने पिछले दो दिन से इंसाफ के लिए जमकर हंगामा काटा हुआ था। जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और थार गाड़ी समेत चार युवकों को राउंडअप किया। जिसकी जानकारी देने के लिए आज डीसीपी ऊषा ने प्रेसवार्ता कर पत्रकारों को जानकारी दी।
डीसीपी ऊषा ने पत्रकारों को बताया कि बीती 21 सितंबर की देररात करीब एक से डेढ़ बजे को कन्वेंशन हॉल सेक्टर 12 के पास गाड़ी से कुचलने के बारे में दर्ज मामले में फरीदाबाद पुलिस द्वारा संलिप्त सभी 4 लोगों को राउंडअप किया गया है तथा थार गाड़ी को भी बरामद कर लिया है। राउंडअप किए गए सभी आरोपी सिविलियन है। उन्होंने बताया की मनोज के परिजनों की शिकायत के आधार पर एफआईआर नंबर 274 दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में एसआईटी हेड थाना सेंट्रल गहनता से पूछताछ कर रहा है और अहम् साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले बीएनएस 105 के तहत मामला दर्ज किया गया था फिर परिजनों के अनुरोध पर 103 के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीसीपी क्राइम ऊषा ने आगे बताया कि जिस थार गाड़ी की चपेट में आने से मनोज की मृत्यु हुई है वह थार एसीपी राजेश के नाम से रजिस्टर है। जिसे कब्जे में ले लिया गया है। वहीं, थार में मौजूद चार युवकों को भी राउंडअप किया गया है जिनसे पूछताछ जारी है। मृतक के परिजन मामले को दबाने का आरोप लगा रहे हैं के जवाब में डीसीपी ने जवाब दिया कि जो शिकायत उन्हें मिली थी उसी के आधार पर पहले शिकायत दर्ज की गई थी। वहीं परिजनों की दोबारा से रिक्वेस्ट आई की उन्हें दूसरी सेक्शन लगवानी है तो उनकी रिक्वेस्ट मानते हुए पुलिस ने नए सेक्शन के लगाए हैं जिसकी जांच की जाएगी और सबूत एकत्रित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहला ऐसा मामला है जिसमें गाड़ी से एक्सीडेंट में हुई मौत में धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है तो ऐसा कुछ नहीं है की डीसीपी की गाड़ी है तो पुलिस द्वारा उसमें ढिलाई बरती जा रही हो। उन्होंने कहा कि आगे भी जो तथ्य सामने आएंगे उसे मीडिया के साथ सांझा किया जाएगा।




