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गुरुग्राम, 18 नवंबर। गुरुग्राम पुलिस ने ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पंजाब के रहने वाले आरोपी की गिरफ्तारी दिल्ली एयरपोर्ट से हुई है। आरोपी लंदन से वापस इंडिया आया था। आरोपियों ने अमेरिका में रह रहे एक एनआरआई से ठगी की कोशिश की थी। ठगों द्वारा एनआरआई के सेक्टर 31 स्थित दो प्लॉटों को बेचने की नाकामयाब कोशिश की गई थी। ठगों ने एनआरआई के फर्जी बेटे के नाम पर स्विट्जरलैंड में फर्जी जीपीए तैयार की थी और फ्रांस में एनआरआई दंपति के फर्जी पासपोर्ट तैयार किए थे। ठगों ने एम्बेसी के जरिए फर्जी जीपीए गुरुग्राम भिजवाई थी। प्रॉपर्टी डीलरों से पता लगने पर एनआईआर ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। आरोपी फर्जी तरीके से ट्रांसफर परमिशन के आधार पर प्रॉपर्टी बेचने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 3 जनवरी 2023 में एक शिकायत आर्थिक अपराध शाखा-वन से जांच करने बाद डाक के माध्यम से पुलिस थाना सदर प्राप्त हुई थी। जिसमें शिकायतकर्ता ने बतलाया कि उनके 2 प्लॉट सेक्टर-31 गुरुग्राम में है, जिनकी वह और उसकी पत्नी मालिक है। 4 सितंबर 2021 को उनके पास एक प्रॉपर्टी डीलर का फोन आया था। जिसमें उसने बताया कि उनके बेटे करण भटनागर को उसने दोनों प्लॉटों के बदले 15 लाख एडवांस में दे दिए हैं और 1 करोड़ रुपये आरटीजीएस कराने जा रहा है। तब मैंने उसको बताया कि उसके कोई लड़का (बेटा) नहीं है। आप रुपये ट्रांसफर मत करो, तब प्रॉपर्टी डीलर द्वारा उनको फर्जी जीपीए, पोजिशन लेटर व फर्जी पासपोर्ट दिखाए। तब उसने बताया कि वह तो यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका में रहते हैं और उन्होंने किसी को कोई पॉवर ऑफ अटॉर्नी नहीं दी हुई है। साथ ही उसने बताया की उनका कोई बेटा नहीं भी है है। उन्होंने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में शिकायत दी तो उन्हें पता चला कि करण भटनागर द्वारा यह प्रापर्टी लखविंदर सिंह को ट्रांसफर कर दी गई है। उसे एचएसवीपी से लखविंदर सिंह व फर्जी करण भटनागर की फोटो मिली। फिर उनके पास सेक्टर-31 में प्लॉट को बेचने के संबंध में अन्य प्रॉपर्टी डीलर का फोन आया। वे लोग बार-बार नाम बदलकर उसकी प्रॉपर्टी बेचने की कोशिश कर रहे हैं। प्राप्त शिकायत पर पुलिस थाना सदर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा-वन द्वारा की गई।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी लखविंदर सिंह के घर पर रेड की, जहां पता लगा कि आरोपी 2022 में विदेश (यूके) जा चुका है। जिस पर गुरुग्राम पुलिस द्वारा केंद्रीय एजेंसियों से संपर्क किया गया। आरोपी कल लंदन (यूके) से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पहुंचा तो पुलिस द्वारा एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान लखविंदर सिंह (उम्र-31 वर्ष, शिक्षा-12वीं) निवासी गांव हयातपुर रुड़की नवां शहर, पंजाब के रूप में हुई।
प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में पता चला कि शिकायतकर्ता की प्रॉपर्टी को एक अन्य व्यक्ति द्वारा शिकायकर्ता का फर्जी बेटा (करण भटनागर) बनकर शिकायकर्ता और उसकी पत्नी के फर्जी पासपोर्ट फ्रांस से बनवाए और उन पासपोर्ट के आधार पर एक जर्नल पॉवर ऑफ अटॉर्नी Konton Obwalden स्विट्जरलैंड से रजिस्टर्ड करवाई तथा इस फर्जी जीपीए को एंबेसी के माध्यम से भारत मंगवाकर कलेक्टर कार्यालय गुरुग्राम में रजिस्टर्ड करवा ली गई। फिर धोखाधडी से इसको हुड्डा/एचएसवीपी विभाग में प्रॉपर्टी की फाइल में संलग्न करवा दिया और फर्जी जीपीए के आधार पर करण भटनागर ने प्रॉपर्टी मार्च 2021 में एचएसवीपी कार्यालय में आकर लखविंदर सिंह के नाम ट्रांसफर परमिशन रजिस्टर्ड करवा दी। लखविंदर सिंह ने बताया कि यह प्रॉपर्टी उसे करण भटनागर ने ट्रांसफर करवाई थी और इस प्रॉपर्टी को ट्रांसफर परमिशन के आधार पर 2021 व 2022 से बार-बार बेचने की कोशिश कर रहा था, फिर वह अक्टूबर 2022 में अपनी पत्नी (स्टूडेंट वीजा) के साथ डिपेंडेंट वीजा पर यूनाइटेड किंगडम चला गया और इस साल सितंबर में डिपेंडेंट वीजा की अवधि खत्म होने पर इसे लंदन से वापस भेज दिया गया।




