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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 2 मई। ट्रॉमा सेंटर व फरीदाबाद को रेफर मुक्त करने की मांग को लेकर रेफर मुक्त संघर्ष समिति के धरने को आज 151वां दिन हो चुका है। जिसके चलते सरकार को चेताने के लिए धरना कर रहे समाजसेवियों ने अपना मुंडन करवाया।
मालूम हो कि फरीदाबाद में ट्रॉमा सेंटर नहीं होने के चलते ज्यादातर मरीजों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है जिसके चलते कई मरीजों की जान समय से इलाज न मिलने के कारण हो चुकी है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर रेफर मुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बीके सिविल अस्पताल के गेट के पास पिछले 151 दिनों से सतीश चोपड़ा और अन्य समाजसेवी धरने पर बैठे हुए हैं जिन्होंने आज सामूहिक रूप से अपना मुंडन करवाया।
रेफर मुक्त संघर्ष समिति के संचालक सतीश चोपड़ा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि ट्रॉमा सेंटर व रेफर मुक्त फरीदाबाद के मुद्दे को लेकर आज उनके धरने का 151वां दिन है। उन्होंने बताया कि उनकी जो भी मांगें थी सरकार ने मान तो ली थी, लेकिन आज तक एक भी ईंट बीके सिविल अस्पताल में नहीं लगाई गई। इसके अलावा सतीश चोपड़ा ने आरोप लगाते हुए बताया कि बीके सिविल अस्पताल में दलाल सक्रिय हैं जो कि मरीजों से पैसा वसूली करते हैं। जिसके बारे में बीके सिविल अस्पताल चौकी की पुलिस को और अस्पताल के सीएमओ पीएमओ तक को जानकारी है। फिर भी वह लोग कोई कार्यवाही नहीं करते। सतीश चोपड़ा ने हरियाणा के सीएम पर कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा को नशा मुक्त बनाने और लोगों स्वस्थ रखने के लिए साइकिल पर यात्रा निकाल रहे हैं, लेकिन सिविल अस्पतालों को सुधारने का प्रयास तक नहीं कर रहे है।
उन्होंने बताया कि इन्हीं मांगों को लेकर दो बार मुंडन पहले भी करवाए जा चुके हैं कई बार सांकेतिक धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं ओर मौजूदा विधायकों को ज्ञापन भी सौंपे हैं, जिसके तहत इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया गया, लेकिन अब तक सरकार ने इस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि यह समस्या केवल फरीदाबाद की ही नहीं बल्कि समूचे हरियाणा के हर जिलों की हैं। जहां पर लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज न मिलने के चलते निजी अस्पतालों की ओर जाते हैं। जिसके चलते निजी अस्पताल वाले मनमाने रूप से उन्हें लूटते हैं।
वहीं, धरने पर बैठे हुए अन्य समाजसेवियों ने कहा कि वे सतीश चोपड़ा के साथ पिछले 151 दिन से लगातार धरने पर बैठे हुए हैं, जिसके तहत मुंडन करवाया है, मौन व्रत रखा है, सड़कों पर प्रदर्शन और मशाल जुलूस तक निकाल चुके हैं, लेकिन आज तक सरकार ने फरीदाबाद को रेफर मुक्त करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार फरीदाबाद को ट्रॉमा सेंटर देकर रेफर मुक्त नहीं करती है तब तक वह इसी तरह धरने पर बैठे रहेंगे।