ग्रामीणों और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करने का एक प्रभावी कदम है रात्रि ठहराव कार्यक्रम
पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता
सीपी विकास कुमार अरोड़ा ने ग्रामीणों से किया संवाद, आपातकालीन नंबरों की दी महत्वपूर्ण जानकारी
Bilkul Sateek News
पटौदी, 26 सितंबर। जिला प्रशासन ने कल पटौदी ब्लॉक के गांव रणसिका में रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर डीसी अजय कुमार तथा सीपी विकास कुमार अरोड़ा स्वयं गांव पहुंचे और ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। डीसी ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया। गांव पहुंचने पर सरपंच व ग्रामीणों ने पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत और सम्मान किया। डीसी अजय कुमार ने इससे पूर्व शहीद कैप्टन कपिल कुंडू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
जनशिकायतों की सुनवाई करने के उपरांत अपने संबोधन में डीसी अजय कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह से जनसेवा को समर्पित है। सरकार और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों की समस्याएं उनके द्वार पर ही सुनी जाएं और उनके समाधान के लिए किसी प्रकार की देरी न हो। इसी कड़ी में रात्रि ठहराव कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनके माध्यम से अधिकारी सीधे गांव में पहुंचकर लोगों की दिक्कतें जान रहे हैं और मौके पर ही उनका निवारण करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि वास्तव में ग्रामीणों और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करने का एक प्रभावी कदम है।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए डीसी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा आमजन के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ अब और अधिक पारदर्शी तरीके से पात्र लोगों तक पहुंच सके, इसके लिए सभी योजनाओं को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि आज अधिकांश सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे नागरिकों को सुविधा हुई है और उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। सरकार की मंशा है कि पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए और कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित न रह जाए। डीसी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अधिकारीगणों से संपर्क कर योजनाओं की पूरी जानकारी लें और पात्र लोग इसका अवश्य लाभ उठाएं।
डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन हर समय नागरिकों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया की जिला प्रशासन द्वारा मुख्यालय व उप मंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार व वीरवार को समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें प्राप्त शिकायतों के निवारण की निरंतर मॉनिटरिंग भी की जा रही है। किसी भी नागरिक की किसी भी विभाग से संबंधित यदि कोई समस्या है तो वह बिना किसी हिचक के प्रशासन के समक्ष रखें, उनका समयबद्ध ढंग से समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे गांव के विकास में अपना योगदान दें।
सीपी विकास कुमार अरोड़ा ने ग्रामीणों से किया संवाद, आपातकालीन नंबरों की दी महत्वपूर्ण जानकारी
गुरुग्राम पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें सुरक्षा, साइबर अपराध तथा नशा मुक्ति के विषय में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पुलिस तभी प्रभावी रूप से कार्य कर सकती है, जब नागरिक जागरूक होकर सहयोग करें। ग्रामीणों के बीच सीपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की और लोगों को भरोसा दिलाया कि गुरुग्राम पुलिस हर समय उनकी सेवा में तत्पर है।
सीपी विकास कुमार अरोड़ा ने विशेष रूप से तीन आपातकालीन नंबरों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 112 नंबर पूरे देश में लागू है और किसी भी आपात स्थिति, चाहे वह पुलिस से संबंधित हो, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हो या अन्य आपात स्थिति के लिए तत्काल मदद प्राप्त करने का सबसे भरोसेमंद माध्यम है। इस सेवा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए 112 इंडिया ऐप भी उपलब्ध है, जिससे नागरिकों को त्वरित सहायता मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में यदि किसी नागरिक के बैंक खाते से धोखाधड़ी कर पैसे निकाल लिए जाते हैं, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें। इस पर सूचना मिलते ही संबंधित लेन-देन को फ्रीज कर दिया जाता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति के पैसे वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है। सीपी ने जोर देकर कहा कि इस नंबर की जानकारी हर नागरिक तक पहुंचनी चाहिए, ताकि साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
युवाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए पुलिस आयुक्त ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक बुराई है, जिसे खत्म करने के लिए केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि यदि कहीं भी नशे से संबंधित गतिविधि की सूचना मिले, तो उसे तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर शिक्षा और रोजगार के सही अवसरों की ओर अग्रसर करना ही समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस मिलकर समाज को नशे के दुष्चक्र से मुक्त करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन 1933 नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर नशीले पदार्थों की बिक्री या उपयोग से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना साझा की जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है।
स्टॉल पर योजनाओं की मिली जानकारी
रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा जागरूकता स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, शिक्षा, पशुपालन व बिजली विभाग प्रमुख रहे। डीसी ने सभी विभागों की सरकार की जनहितकारी नीतियों को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए आमजन को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने भावुक करने वाली अपनी मार्मिक प्रस्तुति भी दी।
इस दौरान ग्राम पंचायत रणसिका तथा आसपास से आए पंचायत प्रतिनिधियों ने डीसी अजय कुमार को गांव की विभिन्न समस्याओं व मांगों से अवगत कराते हुए मांगपत्र सौंपा। डीसी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाएगा और इन मुद्दों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
इस अवसर पर डीसीपी मानेसर दीपक कुमार, पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच, डीआरओ विजय यादव, डीडीपीओ नवनीत कौर, पंचायत विभाग से कार्यकारी अभियंता अजय शर्मा, बीडीपीओ कुमारी शीतल, तहसीलदार रोहतास पंवार, नायब तहसीलदार सुरजीत सिंह, गांव रणसिका के सरपंच दीपक कुमार ,सरपंच एकता मंच के अध्यक्ष एवं गांव दौलताबाद के सरपंच अजीत यादव तथा अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।




