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नूंह, 15 जनवरी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर शुरू की गई राहवीर योजना अब हरियाणा के नूंह जिले में भी प्रभावी रूप से लागू हो गई है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर मतलब दुर्घटना के एक घंटे के भीतर में तत्काल सहायता प्रदान कर अस्पताल पहुंचाने वाले नेक दिल व्यक्ति को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशंसा प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
यह योजना मूल रूप से राहवीर को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है, ताकि लोग बिना किसी झिझक के दुर्घटना पीड़ितों की मदद करें। केंद्र सरकार ने 21 अप्रैल 2025 को इसकी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद हरियाणा सरकार ने राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग कमिटी और जिला स्तर पर अप्रेजल कमेटी का गठन किया। नूंह जिले में भी डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता वाली अप्रेजल कमेटी इसकी निगरानी कर रही है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नूंह जिला जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-अलवर रोड से होकर गुजरता है, यहां सड़क हादसे आम बात हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन और तेज रफ्तार के कारण हर महीने दर्जनों दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई लोगों की जान जाती है। लेकिन मेवात नूंह क्षेत्र के लोगों की सराहनीय परंपरा रही है कि वे घायलों की मदद के लिए आगे आते हैं। यहां मदद की होड़ मच जाती है और स्थानीय ग्रामीण अक्सर जोखिम उठाकर पीड़ितों को बचाते हैं। उदाहरण के तौर पर केएमपी एक्सप्रेस-वे पर श्रद्धालुओं की बस में आग लगने की घटना में स्थानीय लोगों ने जलती गाड़ी से यात्रियों को बाहर निकालकर कई जानें बचाई थीं। इसी तरह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए हादसों में भी मेवात वासियों ने समय पर घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई। पुलिस और प्रशासन इस सामाजिक जिम्मेदारी की प्रशंसा करते हैं और राहवीर योजना को लागू कर लोगों को और अधिक प्रोत्साहित किया जा रहा है। पुलिस के निर्देशों का पालन करते हुए यदि कोई राहवीर दुर्घटना की सूचना पुलिस को देता है या सीधे अस्पताल पहुंचाता है, तो पुलिस/अस्पताल से प्रमाण मिलने पर जिला अप्रेजल कमेटी मामले की जांच कर पुरस्कार की सिफारिश करती है। पुरस्कार सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है। एक व्यक्ति एक साल में अधिकतम 5 बार इस पुरस्कार का हकदार हो सकता है। मेवात पुलिस और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और दुर्घटना होने पर बिना डर के मदद करें। राहवीरश् बनकर आप न केवल एक जान बचा सकते हैं, बल्कि 25 हजार रुपये का इनाम भी पा सकते हैं।



