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फरीदाबाद, (अजय वर्मा), 20 जनवरी। फरीदाबाद में सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़े का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने पहचान बदलकर और कथित फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर लंबे समय तक शिक्षा विभाग में नौकरी करने वाले एक रिटायर शिक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह केस राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा के प्रिंसिपल कैलाश चंद की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
शिकायत के अनुसार आरोपी शिक्षक ललित भारद्वाज ने वर्ष 2004 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से एसएस टीचर के पद पर नियुक्ति हासिल की थी। आरोप है कि उसने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर और गलत दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त की। जब स्कूल स्तर पर उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड की जांच की गई, तो कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी की दसवीं, बारहवीं और स्नातक (बीए) तक की शिक्षा लालाराम पुत्र शिव कुमार के नाम से दर्ज है। जबकि शिक्षा विभाग में उसकी नियुक्ति ललित भारद्वाज के नाम से हुई थी। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब वर्ष 2020 और 2021 में सीएम विंडो के माध्यम से लगातार शिकायतें दर्ज कराई गईं। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जिसका पूर्व नाम लालाराम बताया गया है, वर्ष 1987 से 1999 तक भारतीय सेना में लिपिक के पद पर कार्यरत रहा। आरोप है कि सेना में सक्रिय सेवा के दौरान ही उसने वर्ष 1994 में शिलॉन्ग मेघालय से बीएड की डिग्री प्राप्त कर ली जो सेवा नियमों और शर्तों के खिलाफ है।
इस पूरे मामले में पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी बल्लभगढ़ और शिक्षा निदेशालय स्तर पर की गई विस्तृत जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने अपनी पहचान बदलकर और शैक्षणिक योग्यताओं से संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी नौकरी हासिल की। जांच रिपोर्ट के आधार पर सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने आरोपी ललित भारद्वाज के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



