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गुरुग्राम, 16 जनवरी। गुरुग्राम पुलिस ने व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करके अच्छा मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर ठगी करने के मामले में खाता धारक/खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी और साइबर फ्रॉड करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपी दुबई में बैठे साइबर फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों के साथ मिलकर निवेश/कसीनो, ऑनलाइन गेम खिलाकर करते ठगी थे। पुलिस टीम द्वारा कोटा राजस्थान में की गई रेड के दौरान आरोपियों के पास से 13 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट और 37 एटीएम कार्ड भी बरामद किए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 15.12.2024 को एक व्यक्ति ने पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम को एक लिखित शिकायत व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करके अच्छा मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर ठगी करने के संबंध में प्राप्त हुई। प्राप्त शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
थाना साइबर अपराध पश्चिम प्रभारी संदीप कुमार की टीम ने इस मामले में 9 आरोपियों को 14.01.2026 को कोटा राजस्थान से गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान लेखराज (उम्र 25 वर्ष) निवासी चित्रकूट कॉलोनी जिला कोटा (राजस्थान), मनीष (उम्र 21 वर्ष), अनिल बैरागी (उम्र 24 वर्ष), सोनू (उम्र 26 वर्ष), दीपक (उम्र 25 वर्ष) व हिमांशु सभी निवासी रेती मंडी चौराहा जिला कोटा (राजस्थान), संस्कार उर्फ प्रांशु (उम्र-24 वर्ष) निवासी ओल्ड बस स्टैंड जिला रीवा (मध्य प्रदेश), गगन पटेल (उम्र 19 वर्ष) निवासी विजय नगर जिला इंदौर (मध्य प्रदेश) और मनीष (उम्र 24 वर्ष) मीणा निवासी गांव बोरदा जिला बारा (राजस्थान) के रूप में हुई।
आरोपियों से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि इस मामले में ठगी गई राशि में से 2 लाख 4 हजार रुपये माधव एसोसिएटेड कंपनी के नाम पर बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, जिसका खाताधारक लेखराज मीणा था। लेखराज मीणा ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता मनीष को ₹10000 में बेचा था। मनीष ने बताया कि बैंक खाता अनिल बैरागी कहने पर फर्जी रेंट एग्रीमेंट से खुलवाया था। इसके बदले मनीष को अनिल बैरागी से 40000 रूपये मिले थे। अनिल बैरागी ने बताया कि वह संस्कार उर्फ प्रांशु के साथ मिलकर दुबई में साइबर फ्रॉड का काम करने वाले व्यक्तियों के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड का काम करते हैं। जो अनिल बैरागी ने कोटा राजस्थान में एक फ्लैट को 15000 रुपये किराये पर लेकर उसमें दुबई में बैठे साइबर फ्रॉड करने वालों के माध्यम से साइबर फ्रॉड का काम करते थे। आरोपी ने बताया कि दुबई में बैठे सारे फ्रॉड करने वाले उन्हें किसी व्हाट्सऐप ग्रुप का लिंक भेजते थे या फिर किसी कसीनो या ऑनलाइन जुआ खिलाने के लिंक भेज कर उनको व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ देते थे। वे ऑनलाइन गेम खेलने वाले या निवेश करने वालों से चैट के माध्यम से उनके बैंक अकाउंट से पैसा ट्रांसफर करते थे और गेम खेलने वाले/निवेश करने वालों से बैंक में रुपये डलवाते थे। वे उन रुपये को दुबई भेजते थे, आरोपी ने बताया कि जो भी साइबर ठगी करते थे उसमें से ठगी गई राशि में से 70 प्रतिशत ये दुबई भेजते थे और 30 परसेंट का कमीशन अपने पास रखते थे। अनिल बैरागी ने बताया कि अन्य आरोपी (गगन पटेल, हिमांशु, दीपक, मनीष मीणा व सोनू) उसके पास कॉल करने, ऑनलाइन गेम खिलाने व बैंक में पैसा ट्रांसफर करने का काम करते हैं। वह प्रत्येक महीने 15000 रुपये का वेतन प्राप्त करते हैं और साथ में जो जितनी राशि की ठगी करता था, उसको ठगी के हिसाब से कमीशन मिलता था।
पुलिस द्वारा कोटा राजस्थान में की गई रेड के दौरान आरोपियों के पास से 13 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट और 37 एटीएम कार्ड बरामद किए गए।
पुलिस द्वारा आरोपियों को आज अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अभियोग का अनुसंधान जारी है।



