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Bilkul Sateek News
नई दिल्ली, 27 जनवरी। दिल्ली पुलिस ने फरार रेप आरोपी को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अपनी घरेलू सहायिका की बेटी और पत्नी की सहेली से रेप करने का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रेप के दो मामलों में फरार चल रहे आरोपी 33 वर्षीय करण डोलतानी को गिरफ्तार किया है। करण मटियाला एक्सटेंशन का रहने वाला है। बिंदापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी।
पुलिस के अनुसार, पहला मामला वर्ष 2016 का है। उस समय करण ने अपने घर पर काम करने वाली घरेलू सहायिका की बेटी से रेप किया था। इस घटना के बाद बिंदापुर थाने में प्राथमिकी धारा 376 आईपीसी के तहत दर्ज हुई। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई। बाद में उसकी पत्नी की मेडिकल स्थिति के आधार पर उसे 28 दिनों के लिए अंतरिम जमानत मिली। जमानत की अवधि खत्म होने के बाद उसने सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया। दूसरा मामला वर्ष 2022 का है। आरोपी ने अपनी पत्नी की सहेली से दुष्कर्म किया, जिसमें अपहरण जैसी हरकतें भी शामिल थीं। बिंदापुर थाने में धारा 341, 342, 376 और 377 आईपीसी के तहत दर्ज हुई। आरोपी इस मामले में भी गिरफ्तारी से बचता रहा। क्राइम ब्रांच की टीम को इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश सौंपी गई। टीम ने मैनुअल और टेक्निकल दोनों तरीकों से उसकी निगरानी की। कांस्टेबल मुकेश को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम में घमरोज टोल प्लाजा के पास टोल रोड पर आएगा। इसकी पुष्टि हेड कांस्टेबल भंवर ने टेक्निकल जांच से की। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा, आईपीएस के निर्देश पर इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में टीम तैयार की गई, जिसमें एसआई कुलदीप, एसआई रवि, एचसी भंवर और कांस्टेबल मुकेश शामिल थे। टीम ने एसीपी राज पाल डाबास की निगरानी में जाल बिछाया और आरोपी को गुरुग्राम के टोल रोड से गिरफ्तार कर लिया। करण डोलतानी ने बताया कि वह कॉल सेंटर में काम करता था। उसके खिलाफ पहले भी दिल्ली के विभिन्न थानों में ऐसे गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कमजोर लड़कियों को निशाना बनाता था, उनके भरोसे और मजबूरी का फायदा उठाता था। उसका आपराधिक रिकॉर्ड बार-बार जघन्य यौन अपराधों का पैटर्न दिखाता है, जो समाज के लिए बड़ा खतरा था। इस सफल गिरफ्तारी से न्याय की प्रक्रिया मजबूत हुई है। फरार अपराधी को कानून के दायरे में लाकर पीड़िताओं को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है और पुलिस की कार्रवाई से जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।



