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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 4 जनवरी। फरीदाबाद में अरावली बचाने को लेकर रविवार को उमंग रंगमंच संस्था के कलाकारों द्वारा आक्रोश प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शकारियों ने कहा यदि अरावली के साथ छेड़छाड़ होती है तो आने वाली नस्लों के लिए बहुत बुरा होगा।
ऊपर जो तस्वीर है वह फरीदाबाद के मिनी जंतर मंतर कहे जाने वाले बादशाह खान चौक की है। जहां आज उमंग रंगमंच संस्था के द्वारा अरावली पर्वतमाला को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले सुनाए गए फैसले के विरोध और अरावली को बचाने के लिए आक्रोश प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर
प्रदर्शन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहले जो सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था वह फिलहाल विचाराधीन है। जिसको लेकर आने वाली 21 तारीख को दोबारा फैसला सुनाया जाना है। उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट अपने पिछले फैसले को बदलने की मांग करते हैं और यदि फैसला नहीं बदला गया तो फिर से बड़ा आंदोलन होगा। यहां तक कि वे दिल्ली के जंतर मंतर पर भी जाकर अरावली को बचाने के लिए विरोध प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शनकारी सतबीर सिंह और ज्योति भूषण ने कहा कि अरावली को बर्बाद किया जाना सीधे सीधे न केवल प्रकृति के साथ छेड़छाड़ है, बल्कि आने वाली नस्लों को भी बर्बाद किए जाने का रास्ता बनाया जा रहा है। यदि इसी तरह अरावली को खत्म किया जाएगा तो आने वाली नस्लों के लिए ऑक्सीजन नहीं मिलेगी और सबकुछ नष्ट हो जाएगा। अरावली में रहने वाले जीव जंतु समेत सब नष्ट हो जाएंगे, विलुप्त हो जाएंगे।



