रेवाड़ी, 10 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी की रेवाड़ी जिला अध्यक्ष वंदना पोपली ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत क्रांतिकारी ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी जी राम जी विधेयक 2025 का पुरजोर समर्थन करते हुए इसे ग्रामीण भारत के इतिहास का सबसे बड़ा सुधार करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाएगा, बल्कि कांग्रेस के समय की भ्रष्टाचार और अदूरदर्शिता वाली योजनाओं के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।
वंदना पोपली ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक गरीबी हटाओ का खोखला नारा दिया, लेकिन धरातल पर केवल भ्रष्टाचार और बिचौलियों का तंत्र खड़ा किया। कांग्रेस की मनरेगा केवल गड्ढे खोदने और भरने तक सीमित थी, जिससे कोई स्थायी संपत्ति नहीं बनी। इसके विपरीत, मोदी सरकार का जी राम जी विधेयक विकसित भारत /2047 के संकल्प को पूरा करने वाला एक भविष्य-तैयार ढांचा है, जो ग्रामीण विकास को डिजिटल और आधुनिक तकनीक से जोड़ता है।
वंदना पोपली ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि मोदी सरकार ने ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाने के लिए वैधानिक रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि यह अतिरिक्त 25 दिन ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच का काम करेंगे। इस पूरी योजना के लिए सरकार ने ₹1,51,000 करोड़ का विशाल वित्तीय प्रावधान किया है।
जिला अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार और भाजपा सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए चौंकाने वाले तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यूपीए के 8 वर्षों (2006-2014) में केवल ₹2,13,220 करोड़ जारी किए गए, जबकि मोदी सरकार ने अब तक ₹8,53,810 करोड़ से अधिक की राशि जारी की है, जो कांग्रेस काल से लगभग चार गुना अधिक है। इसके अतिरिक्त कांग्रेस के समय कुल 1,660 करोड़ श्रमदिवस सृजित हुए, जबकि भाजपा के शासन में यह बढ़कर 3,210 करोड़ हो गए हैं। कांग्रेस के समय केवल 17.6 प्रतिशत व्यक्तिगत परिसंपत्तियां बनीं, जबकि मोदी सरकार में यह आंकड़ा बढ़कर 62.95 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने आगे बताया कि कांग्रेस के समय मास्टर रोल में फर्जीवाड़ा आम था। भाजपा ने आधार सीडिंग (12.12 करोड़ सक्रिय कामगार) और जियो-टैगिंग (6.44 करोड़ से ज्यादा संपत्तियां) के जरिए बिचौलियों को खत्म कर पैसा सीधे मजदूरों के बैंक खाते में पहुंचाना सुनिश्चित किया है।
जी राम जी विधेयक का हरियाणा के विषय में वंदना पोपली ने बताया कि हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह विधेयक विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि विधेयक में राज्यों को यह अधिकार दिया गया है कि वे बुवाई और कटाई के 60 दिनों को अधिसूचित कर सकें, ताकि खेती के सीजन में मजदूरों की कमी न हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चले। अब केवल गड्ढे नहीं खोदे जाएंगे, बल्कि विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें, जलवायु-अनुकूल परिसंपत्तियां और आजीविका से जुड़े स्थायी कार्य किए जाएंगे। इस विधेयक में भ्रष्टाचार रोकने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, एआई-आधारित विश्लेषण और वास्तविक-समय डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत अब योजनाओं का निर्माण दिल्ली में बैठकर नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों द्वारा पीएम गति-शक्ति तकनीक का उपयोग कर किया जाएगा। मनरेगा के विषय में जिलाध्यक्ष ने बताया कि मनरेगा केवल मात्र भ्रष्टाचार का पर्याय बनी।
पोपली ने कहा कि कांग्रेस आज मनरेगा बचाओ का जो स्वांग रच रही है, वह असल में अपने भ्रष्टाचार के तंत्र को बचाने की कोशिश है। उन्होंने तथ्यों के साथ कहा, कांग्रेस के समय मजदूरी का भुगतान महीनों तक लटका रहता था, लेकिन भाजपा ने इसे पारदर्शी बनाया है। कांग्रेस की नीति योजना-प्रेरित थी, जबकि हमारी नीति परिणाम-उन्मुख है।
वंदना पोपली ने अंत में कहा कि हरियाणा और विशेषकर रेवाड़ी का हर ग्रामीण परिवार इस विधेयक से लाभान्वित होगा। हरियाणा में जारी धनराशि के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि यूपीए के समय हरियाणा को मात्र ₹1477 करोड़ मिले थे, जिसे मोदी सरकार ने बढ़ाकर ₹4929 करोड़ से अधिक कर दिया है। यह स्पष्ट करता है कि भाजपा ही गरीबों की सच्ची हमदर्द है और जी राम जी विधेयक ग्रामीण भारत के उज्जवल भविष्य की नींव है।



