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Bilkul Sateek News
अंबाला, 20 मार्च। किसानों और केंद्र सरकार के बीच वार्ता विफल होने के बाद पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शंभू और खनौरी बॉर्डर से किसानों को हटा दिया है और उनके बड़े नेताओं समेत लगभग 800 किसानों को हिरासत में लिया है। पंजाब पुलिस ने बॉर्डर बने किसानों के तंबुओं पर भी बुलडोजर चलाया है। किसान पिछले 13 महीने से दोनों बॉर्डरों पर धरने पर बैठे हुए थे।
चंडीगढ़ में कल केंद्रीय नेताओं और किसान नेताओं की सातवीं वार्ता विफल होने के बाद पंजाब पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई और उसने किसानों के प्रमुख नेताओं जगजीत सिंह डल्लेवाल, सरवन सिंह पंधेर, अभिमन्यु कोहाड़ और काका सिंह कोटडा समेत लगभग 800 किसानों को हिरासत में लिया है।
पंजाब सरकार ने बॉर्डरों पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया है। शंभू बॉर्डर पर पंजाब पुलिस आंदोलनकारी किसानों को खदेड़ रही है और बुलडोजर से किसानों के बनाए गए शेड भी तोड़े जा रहे हैं।
वहीं, खनौरी बॉर्डर पर भी भारी पुलिस बल ने किसानों को हटाना शुरू कर दिया है। पंजाब पुलिस के पटियाला रेंज के डीआईजी मनदीप सिद्धू ने कहा है कि विनती है कि मोर्चा खाली कर दें अन्यथा 100 फीसदी बॉर्डर खाली करवाया जाएगा।
बता दें कि आंदोलन कर रहे किसानों और केंद्र सरकार के बीच बुधवार को 7वीं बार की बातचीत बेनतीजा रही। यह बातचीत 4 घंटे तक चली। इस मीटिंग में किसान नेता समेत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान, पीयूष गोयल और प्रह्लाद जोशी मौजूद थे। इस बैठक के बाद किसान नेताओं को शंभू और खनौरी बॉर्डरों पर लौटते समय पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया। पंधेर को मोहाली एयरपोर्ट रोड पर, तो वहीं एंबुलेंस में खनौरी बॉर्डर लौट रहे डल्लेवाल को संगरूर में हिरासत में लिया गया।



