39 वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला-2026
महा चौपाल पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में दीं सुपरहिट प्रस्तुतियां, पंजाबी गीतों पर झूमे पर्यटक
कार्यक्रम की शुरुआत में झूला हादसे में शहीद पुलिस इंस्पेक्टर को दी श्रद्धांजलि
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 9फरवरी।
अरावली की मनोरम वादियों में आयोजित 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या उस समय यादगार बन गई, जब सुप्रसिद्ध पंजाबी गायक और गीतकार गुरदास मान ने अपनी सुरीली गायकी से दर्शकों का दिल जीत लिया।
मंच संभालते ही गुरदास मान ने मेले में हुए दुखद झूला हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान जान गंवाने वाले पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और हादसे में घायल पर्यटकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उनकी संवेदनशील अपील ने महा चौपाल में मौजूद हर दर्शक को भावुक कर दिया।

गीतों और शेरो-शायरी से बांधा समां
इसके बाद गुरदास मान ने अपने पारंपरिक अंदाज़ में गायकी की शुरुआत की। धार्मिक और सूफियाना रंग में डूबे गीत ‘जे देखना तेरी रहमत, बल्ले-बल्ले’ से कार्यक्रम का आगाज़ होते ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने ‘दिल दा मामला है’, ‘छल्ला’, ‘पीठ तेरी जान दी’, ‘रातों को उठ-उठ के’ समेत अपने कई सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति दी, जिन पर दर्शक झूमते नजर आए।

गुरदास मान की गायकी का जादू ऐसा छाया कि कई दर्शक अपनी सीटों से उठकर नाचने लगे। गीतों के बीच-बीच में उनकी शेरो-शायरी ने कार्यक्रम में और भी रंग भर दिए। उनकी प्रस्तुति ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
कलाकार का सम्मान
सांस्कृतिक संध्या के समापन पर गुरदास मान को डीसीपी मकसूद अहमद, पर्यटन निगम के एजीएम एवं मेला नोडल अधिकारी हरविंद्र सिंह यादव तथा एजीएम राजपाल द्वारा स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर गुरदास मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा कलाकारों को दिया जा रहा प्रोत्साहन उन्हें नई ऊर्जा देता है और कला-संस्कृति को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


