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नूंह, 13 जनवरी। नूंह जिले की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के प्रयास और यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी शौकीन पुत्र जाकिर को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजन की अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी। अदालत ने दोषी द्वारा पहले से गुजारे गए हिरासत के समय को सजा की अवधि से समायोजित करने का आदेश दिया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामला नूंह जिले के पुन्हाना खंड के एक गांव का है। पिता की शिकायत के अनुसार 15 सितंबर 2022 को शाम करीब 4 5 बजे उसकी नाबालिग बेटी लकड़ी लेने के लिए खेत में गई थी, जहां शौकीन पहले से छिपकर बैठा था। उसने लड़की को दबोच लिया और दुष्कर्म करने की कोशिश की, साथ ही उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शौकीन को पकड़ उसके पिता को बुला लिया। पिता ने वहां पहुंचने पर अपने बेटे को कुछ कहने के बदले उल्टे धमकी दी कि अगर उसके बेटे को नहीं छोड़ा तो वह लड़की के पिता को फर्जी मुकदमे में फंसा देगा और जान से मार देगा। पीड़िता ने यह भी बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले रात के समय शौकीन ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया था और मोबाइल से फोटो लेकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी, जिससे डरकर वह चुप रही थी। नूंह पुलिस केस दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की और सबूत जुटाए, जिसके आधार पर अदालत में सुनवाई चली। करीब तीन साल तक चली सुनवाई के दौरान नूंह पुलिस की मजबूत पैरवी और गवाहों के बयानों से आरोपी की दोषसिद्धि हुई। 8 जनवरी को आरोपी को दोषी ठहराया गया और मंगलवार को सजा सुनाई गई।



