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गुरुग्राम, 22 जनवरी। गुरुग्राम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रुपये के लेन-देन से जुड़े विवाद में एक डिलीवरी बॉय का अपहरण करके मारपीट करने के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की तत्परता से इस गंभीर वारदात को समय रहते विफल किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयोग की गई 1 कार और 1 लकड़ी का डंडा बरामद किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 21 जनवरी को पुलिस थाना खेड़की दौला में एक व्यक्ति ने एक लिखित शिकायत के माध्यम से बताया कि वह गुरुग्राम स्थित एक निजी कंपनी में सामान ढोने/डिलीवरी बॉय का कार्य करता है। 21 जनवरी को शाम करीब 5.15 बजे वह अपने साथी पंकज के साथ कंपनी का सामान डिलीवर करके वापस आ रहा था। जब यह सुजुकी कंपनी एसपीआर रोड के पास पहुंचा, तभी एक स्विफ्ट कार ने उसकी गाड़ी (ईको) के आगे अचानक गाड़ी अड़ा दी। इसी दौरान एक अन्य कार भी वहां आ गई, जिसमें से जयबीर व अमन तथा कुछ अन्य व्यक्ति उतरे। सभी आरोपियों ने उसको गाड़ी से जबरदस्ती बाहर निकाला तथा लात-घूंसे व लकड़ी के डंडों से मारपीट की। इसके बाद उन्होंने इसको जान से मारने की धमकी देते हुए जबरदस्ती अपनी कार में डाल लिया और अपहरण करके ले जाने लगे तो उसी समय वहां पर गुरुग्राम पुलिस की ईवीआर टीम पहुंच गई। पुलिस टीम को देखकर वो लोग घबरा गए और पुलिस की ईवीआर टीम ने तत्परता दिखाते हुए अमन और जयबीर को कार सहित काबू कर लिया और उसको सुरक्षित उनके चंगुल से छुड़ा लिया। पुलिस अमन और जयबीर को पुलिस थाना ले गई। प्राप्त शिकायत पर पुलिस थाना खेड़की दौला में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया।
पुलिस द्वारा इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की पहचान जयबीर (उम्र-26 वर्ष) निवासी गांव बारवास जिला भिवानी (हरियाणा) और अमन (उम्र-21 वर्ष) निवासी गांव गारनपुरा जिला भिवानी (हरियाणा) के रूप में हुई। पुलिस थाना खेड़की दौला ने आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि जयबीर हिसार में ट्रांसपोर्ट का कार्य करता है और अमन गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में सेल्समैन के पद पर कार्यरत है। जयबीर ने बताया कि शिकायतकर्ता उसका दोस्त था। वर्ष-2024 में जयबीर ने अपना एक ट्रक बेचा था, जिससे प्राप्त राशि उसने अपनी कार में रखी थी। उसी दौरान शिकायतकर्ता ने उसकी कार में रखे 6 लाख 50 हजार रुपये चोरी कर लिए और अब वह उन रुपये को वापस नहीं दे रहा था। रुपये वापस न मिलने पर उन्होंने साजिश रच कर इस वारदात को अंजाम दिया। उसका (आरोपियों) इरादा शिकायतकर्ता को डराकर रुपये वसूलने का था, लेकिन शिकायतकर्ता के साथ मौजूद पंकज द्वारा समय रहते पुलिस को सूचना देने से गुरुग्राम पुलिस की ईवीआर टीम ने मौके पर पहुंचकर उनकी साजिश को विफल करते हुए अपहरण की इस वारदात को निष्क्रिय कर दिया।



