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गुरुग्राम, 25 जनवरी। गुरुग्राम पुलिस ने जिला अदालत में फर्जी दावा करके SPR रोड के पास की अधिगृहित जमीन के मुआवजे के 5 करोड़ रुपये हड़पने के मामले में 5 हजार रुपये के ईनामी आरोपी को गिरफ्तार किया।
आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस अब तक इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 29.01.2025 को गुरुग्राम पुलिस को एक पत्र गुरुग्राम न्यायालय से प्राप्त हुआ। जिसमें बतलाया गया कि एक व्यक्ति द्वारा फर्जी रूप से जमीन का मालिक बनकर अदालत में फर्जी दस्तावेज पेश करके अदालत के माध्यम से सरकार द्वारा अधिग्रहण की गई जमीन की राशि को अपने फर्जी बैंक खाते में रिलीज करवा लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच करके अदालत के आदेश पर पुलिस थाना शिवाजी नगर में सम्बन्धित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
जिसके बाद इस मामले में कार्रवाई करते हुए उच्च अधिकारियों द्वारा SIT गठित की गई और जांच अपराध शाखा सेक्टर-31 द्वारा की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिनकी पहचानतुषार उर्फ काकू (उम्र-21 वर्ष) निवासी जहांगीरपुरी (दिल्ली), कृष्ण कुमार उर्फ फर्जी ब्रह्मप्रकाश (उम्र-50 वर्ष) निवासी महरौली (दिल्ली), दिनेश कश्यप उर्फ राठौर (उम्र-38 वर्ष) निवासी सनराईज अपार्टमेंट सेक्टर-23 (दिल्ली), पंकज कुमार केला उर्फ धर्म (उम्र-47 वर्ष) निवासी मोह लाइन भाटा कटघेरा जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) और सुशील कुमार दरडा उर्फ बाल सिंह (उम्र-48 वर्ष) निवासी सरदार पटेल वार्ड जिला मुंगेली (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई।
अपराध शाखा सेक्टर-31 पुलिस ने इस मामले 1 आरोपी को 24.01.2026 को जयपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान नरेन्द्र जोनवाल (उम्र-33 वर्ष, शिक्षा-6th) निवासी जे.जे. कॉलोनी (दिल्ली) के रूप में हुई।
पुलिस अनुसंधान के दौरान आरोपी से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि नरेन्द्र दिल्ली के क्लब में ग्राहक उपलब्ध करवाने का काम करता है। उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा करके रुपये ठगी करने की sajish रच। साजिश के अनुसार नरेंद्र का एक साथी कृष्ण फर्जी ब्रह्मप्रकाश जमीन मालिक बना। तुषार व दिनेश ने फर्जी ब्रह्मप्रकाश के नाम से फर्जी दस्तावेज ID तैयार कराई और उस फर्जी ID के आधार पर नागपुर (महाराष्ट्र) में ब्रह्मप्रकाश के नाम से बैंक में खाता खुलवाया। उसके बाद उपरोक्त आरोपियों द्वारा मुआवजा क्लेम करने के लिए न्यायालय में केस करने के लिए वकील किया। उसके उक्त व अन्य साथियों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और उनके द्वारा बनवाए गए दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय में वकील के माध्यम से केस दायर किया गया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने फर्जी तरीके से मुआवजे की कुल राशि 4 करोड़ 97 लाख 29 हजार 534 रुपये तथा इस राशि के ब्याज की राशि 15 लाख 19 हजार रुपये फर्जी ब्रह्मप्रकाश के नागपुर (महाराष्ट्र) वाले बैंक खाते में नरेन्द्र जोनवाल द्वारा DD के माध्यम से रिलीज करा लिए। रिलीज कराए गए रुपये उसने सभी को आपस मे बांटने का काम किया। रिलीज राशि में से दिनेश को 1 करोड़ 90 लाख रुपये, सुशील व पंकज को 25 लाख रुपये, तुषार को 9 लाख और नरेन्द्र जोनवाल के हिस्से में 1 करोड़ रुपये आए। बाकी आरोपी ब्रह्मप्रकाश और अन्य साथी आरोपियों ने आपस मे बांट लिए। नरेन्द्र ने जिला गुरुग्राम में जालसाजी करके धोखाधड़ी करने के तहत अन्य 1 वारदात को अंजाम देने का भी खुलासा किया है।
नरेन्द्र इस मामले में वांछित अपराधी था, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी पर गुरुग्राम पुलिस द्वारा 5 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया हुआ था। आरोपी के अपराधिक रिकॉर्ड के अवलोकन से ज्ञात हुआ कि नरेन्द्र पर जालसाजी करने के तहत 1 मामला जिला गुरुग्राम में पहले भी दर्ज है।
पुलिस ने आरोपी नरेन्द्र के पास से 1 लाख 50 हजार रुपये बरामद गए हैं। इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार करके उनके पास से कुल 71 लाख 15 हजार रुपये की नकदी, 3 मोबाइल, 1 आधार कार्ड, 2 निर्वाचन आयोग पत्र व 1 कार बरामद की जा चुकी है।



