Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 2 जनवरी। गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-वन ने प्राइवेट लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने स्वयं को एक सफल व संपन्न फाइनेंसर बताकर पीड़ित का विश्वास जीता और अग्रिम ब्याज के नाम पर मोटी रकम ठग ली।
अभियोग का संक्षिप्त विवरणः 27.09.2023 को आर्थिक अपराध शाखा-वन द्वारा जांच के उपरांत एक शिकायत पुलिस थाना सदर में प्राप्त हुई। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि यह ओरियंट क्राफ्ट स्वेटर्स लिमिटेड का मालिक है और गारमेंट्स का व्यवसाय करता है। इसके व्यवसाय में वित्तीय संकट के चलते यह ब्याज पर लोन की तलाश कर रहा था।
25.05.2023 को उसे तरुण मनचंदा नामक व्यक्ति का कॉल आया, जिसने स्वयं को हरियाणा के एक फाइनेंसर विक्रम तथा हैदराबाद के फाइनेंसर नितिन गर्ग से जुड़ा बताया। इसके पश्चात 27.05.2023 को नितिन गर्ग, तरुण मनचंदा व विक्रम उसके कार्यालय पहुंचे। जिन्होंने इसे 6 प्रतिशत ब्याज दर पर 100 करोड़ रुपये तक का लोन दिलाने का आश्वासन दिया और उससे उसकी बैंक स्टेटमेंट, बायर प्रोजेक्शन आदि दस्तावेज मांगे तो 28.05.2023 को उसने नितिन गर्ग को मांगे गए दस्तावेज सौंप दिए। फिर उन्होंने उसे हैदराबाद आकर मीटिंग करने के लिए कहा। इसके बाद वह 31.05.2023 को नितिन व विक्रम के साथ हैदराबाद चला गया। वहां पर नितिन व विक्रम ने उसकी मुलाकात श्रीनिवास कंडोला से करवाई। जिन्होंने उसको 1 हजार करोड़ रुपये तक के लोन समझौते दिखाकर उसको प्रभावित किया और उसको दो प्रकार के लोन दिलाने का प्रस्ताव रखा। एक लोन 2 करोड़ 50 लाख रुपये का अल्पकालिक लोन और दूसरा 40 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक लोन (5-7 वर्ष के लिए, 6 प्रतिशत ब्याज दर पर) बताया। आरोपियों ने शर्त रखी कि 40 करोड़ रुपये के लोन के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये अग्रिम ब्याज के रूप में जमा करने होंगे।
राशि का लेन-देन व ठगीः 3, 5 एवं 6 जून 2023 को उन्होंने उसके बैंक खाते में 2 करोड़ 25 लाख 23 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए। जिससे उसका विश्वास और मजबूत हो गया। उसके बाद 15.06.2023 को हैदराबाद के एक होटल में मीटिंग के दौरान उसने समझौते के अनुसार 4 करोड़ 70 लाख 23 हजार रुपये आरटजीएस के माध्यम से उपरोक्त व्यक्तियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। रुपये ट्रांसफर होने के बाद उक्त व्यक्तियों ने यह कहकर मीटिंग स्थल छोड़ दिया कि 15 मिनट में 40 करोड़ रुपये उसके बैंक खाते में आ जाएंगे, लेकिन उसके बाद वो सभी फरार हो गए। इस प्रकार उससे 2 करोड़ 45 लाख रुपये की ठगी की गई। शिकायत की जांच उपरांत तथ्यों के आधार पर पुलिस थाना सदर में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया तथा मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा-वन को सौंपी गई।
आरोपी की गिरफ्तारीः गहन तकनीकी जांच एवं पुलिस सूत्रों की सहायता से आर्थिक अपराध शाखा-वन की टीम ने 30 दिसंबर 2025 को कोम्पल्ली तेलंगाना से इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ’वेनम राजू (उम्र-30 वर्ष, शिक्षा-एमबीए) निवासी लेजेंड कॉलेज के पास कोम्पल्ली जिला मलकानगिरी (तेलंगाना) के रूप में हुई। पुलिस द्वारा आरोपी को न्यायालय मलकानगिरी में पेश करके 4 दिन के राहदारी रिमांड पर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में खुलासेः प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह (आरोपी वेनम राजू) श्रीनिवास के साथ मिलकर फाइनेंस का काम करता है। उसने श्रीनिवास और अन्य साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता को पहले अल्पकालिक लोन देकर विश्वास में लिया और बाद में 40 करोड़ रुपये के लोन का लालच देकर अग्रिम ब्याज के नाम पर 2 करोड़ 45 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगी गई राशि में से 50 लाख रुपये उसके (आरोपी वेनम राजू) बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, जो उसके हिस्से की राशि थी।
आगामी कार्रवाईः राहदारी रिमांड की अवधि पूर्ण होने के पश्चात आरोपी को न्यायालय में पेश करके पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस हिरासत के दौरान उसके अन्य फरार साथी आरोपियों की पहचान, ठगी की गई राशि की बरामदगी संबंधित दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य अन्य संभावित ठगी मामलों की जांच की जाएगी। अभियोग का अनुसंधान जारी है।



