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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 5 जनवरी। कुछ दिन पहले स्टार वायर इंडिया कंपनी के बल्लभगढ़ स्थित छायसा प्लांट में पिछले आठ साल से कार्यरत सुधीर नाम का एक वेल्डर काम करने के दौरान एक हादसे का शिकार हो गया था और गंभीर रूप से जल गया था। जिसे आनन-फानन में फरीदाबाद के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया था। सुधीर की आज इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन सीधा फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित स्टार वायर इंडिया कंपनी के मुख्य प्लांट पर पहुंचे और गेट पर ही मृतक की लाश रख दी और जोरदार हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा देख कंपनी के गार्डों ने गेट अंदर से बंद कर दिया, जिसके बाद मृतक के परिजनों और परिचितों का गुस्सा और बढ़ गया।
दरअसल सुधीर पिछले आठ साल से यहां वेल्डर के तौर पर कार्यरत था और कुछ दिन पहले जब वो काम कर रहा था तो अचानक से एक हादसे का शिकार हो गया और पूरे शरीर पर आयल गिरने के कारण बुरी तरह से झुलस गया था। जिसकी आज मौत हो गई और परिजनों को इस बात का रंज था कि उसकी कंपनी से मदद के लिए अब तक कोई नहीं सामने आया। अगर उसके इलाज में कंपनी वालों ने मदद की होती तो आज सुधीर जिंदा होता। इसी बात से खफा परिजनों ने कंपनी के बाहर लाश रख दी और हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से बातचीत की तो परिजनों ने आरोप लगाया कि एक तो कंपनी में लापरवाही के कारण वेल्डर सुधीर हादसे का शिकार हो जाता है। वहीं, दूसरी तरफ उसको देखने के लिए वह लोग अस्पताल में भी नहीं आए। परिजनों का कहना था कि सुधीर के मरने के बाद उसकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे अपना गुजारा कैसे चलाएंगे। जिसके लिए उन्होंने पचास लाख रुपये के मुआवजे की मांग रखी। जिस पर पुलिस ने कुछ परिजनों को कंपनी के प्रतिनिधियों से मिलवाया और बातचीत के बाद जब परिजन बाहर आए तो उन्होंने बताया कि कंपनी की तरफ से पत्नी को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कंपनी वालों ने मान ली है। इस बात पर परिजन शांत हुए और सुधीर की पार्थिव देह को दाह संस्कार के लिए ले जाने को राजी हुए।



