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गुरुग्राम, 11 जनवरी। गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-II (EOW-II) ने एक बड़े फर्जीवाड़ा प्रकरण में कार्रवाई करते हुए रजिस्ट्री के वक्त फर्जी महिला को प्लॉट की असल मालकिन बताकर प्लॉट बेचने के मामले में 1 आरोपी गवाह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
अभियोग का विवरण: 07.08.2024 को आर्थिक अपराध शाखा-II द्वारा जांच के उपरान्त एक शिकायत पुलिस थाना पालम विहार में प्राप्त हुई। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका प्लॉट सेक्टर-22-23A में स्थित है और 16 अगस्त 2004 से इस प्लॉट की सेल डीड उसके नाम से है। उसे पता लगा है कि उसके प्लॉट को सुनील कुमार बेचने की कोशिश कर रहा है और उसने प्लॉट की एक सेल डीड पंजीकृत करवा रखी है। जबकि उसने ना तो अपना प्लॉट किसी को बेचा और ना ही तहसीलदार व संबंधित विभाग में उसकी सेल डीड ट्रांसफर करवाई है। उस सेल डीड के संबंध में प्रस्तुत किए गए दस्तावजे आधार कार्ड, पेन कार्ड उसके नहीं है और वेबकेम में प्रदर्शित किया गया चित्र भी उसका नहीं है। सुनील कुमार ने उसके प्लॉट के फर्जी दस्तावेज बनवाकर उसकी सेल डीड अपने नाम करवाई है।
अभियोग अंकित: इस संबंध में पुलिस थाना पालम विहार में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित गया तथा आर्थिक अपराध शाखा-II द्वारा अभियोग में आगामी कार्रवाई/अनुसंधान शुरू किया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी: आर्थिक अपराध शाखा-I ने पुलिस प्रणाली एवं पुलिस तकनीकी की सहायता के आधार पर कार्यवाही करते हुए 8 जनवरी को हांसी हिसार से इस मामले में 1 आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंकज (उम्र-28वर्ष, शिक्षा-12वीं) निवासी गांव सिरसा खेड़ी जिला जींद (हरियाणा) के रूप में हुई।
आरोपी से पुलिस पूछताछ: प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हिसार में प्लास्टिक बैग बनाने वाली दुकान पर काम करता है। आरोपी ने बताया कि शिकायकर्ता जो उसके घर के बगल में (गांव सिरसा खेड़ी) रहती थी। शिकायकर्ता का प्लॉट गुरुग्राम में था। उसने अपने के गांव के अन्य व्यक्ति के कहने पर फर्जी तरीके से उस प्लॉट की रजिस्ट्री/सेल डीड के वक्त गवाह के तौर पर फर्जी महिला को उस प्लॉट कोकीमालकिन बताया था। जिसके चलते तहसीलदार ऑफिस में उस प्लॉट की फर्जी सेल डीड बनी थी। आरोपी ने बताया कि उसके अन्य साथियों ने उसे जुलना जींद में जॉब दिलाने का लालच देकर झूठी गवाही दिलाई थी। उस प्लॉट को फर्जी तरीके से सुनील कुमार को 1 करोड़ 90 लाख रूपये में बेचा गया था।
आगामी कार्रवाई: पुलिस द्वारा आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश करके 2 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है। पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपी से उसके अन्य साथियों की पहचान, अन्य संभावित वारदातों का खुलासा, ठगी की गई राशि व संबंधित दस्तावेजों की बरामदगी के लिए विस्तृत पूछताछ की जाएगी। अभियोग का अनुसंधान जारी है।



