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फरीदाबाद (अजय वर्मा), 14 जनवरी। दिल्ली के लाल किले के बाहर हुए आत्मघाती बम धमाके के बाद फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी की एडमिशन और स्टाफ भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने वाले हर छात्र और ज्वाइन करने वाले हर स्टाफ सदस्य को पुलिस वेरिफिकेशन से गुजरना होगा। इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए पुलिस ने तीन विशेष टीमों का गठन किया है।
पुलिस के अनुसार यूनिवर्सिटी में बीएससी सहित विभिन्न डिप्लोमा कोर्सों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। छात्र पहले यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर आवेदन करेंगे और उसके बाद उन्हें यूनिवर्सिटी बुलाया जाएगा। एडमिशन के लिए आने वाले हर छात्र की जानकारी यूनिवर्सिटी के साथ-साथ पुलिस भी अपने पास रखेगी। दाखिले से पहले संबंधित थाने से छात्र की पूरी जानकारी ली जाएगी। बाहर के राज्यों से आने वाले छात्रों के मामलों में वहां की पुलिस से भी मदद ली जाएगी।
डीसीपी एनआईटी मकसूद अहमद ने बताया कि दिल्ली ब्लास्ट के बाद यूनिवर्सिटी को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। एडमिशन और स्टाफ भर्ती को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। स्टाफ की नियुक्ति से पहले भी पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों की पूछताछ के बाद यूनिवर्सिटी के मेडिकल और अन्य विभागों के कई कर्मचारी नौकरी छोड़ चुके हैं। स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए नई भर्ती की योजना बनाई जा रही है, लेकिन सभी को जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। दिल्ली ब्लास्ट के बाद यूनिवर्सिटी की छवि को नुकसान पहुंचा है। इसका असर एडमिशन पर भी दिख रहा है। पहले की तुलना में इस बार नए छात्र कम रुचि दिखा रहे हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि वे भविष्य में किसी परेशानी से बचने के लिए इस यूनिवर्सिटी से जुड़ने से डर रहे हैं।
इधर, अल फलाह यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर 28 जनवरी को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग में सुनवाई होनी है। आयोग ने यूनिवर्सिटी से इस मामले में जवाब मांगा है।



