Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम, 23 अप्रैल 2026: वनवासी कल्याण आश्रम हरियाणा की मानेसर इकाई द्वारा सेक्टर-92 स्थित प्रणवानंद इंटरनेशनल स्कूल में परिवार मिलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्वोत्तर राज्यों की छात्राओं ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता, जनजातीय समाज के विकास और राष्ट्रीय एकात्मता को बढ़ावा देना रहा। आयोजन में आश्रम की विभिन्न सेवा परियोजनाओं और गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गुरुग्राम के विभाग कार्यवाह बृजेश जी के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत कार्यवाहिका डॉ. अंजली जैन ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम वर्ष 1952 से जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में 22 हजार से अधिक सेवा प्रकल्पों के माध्यम से लगभग 2 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने जनजातीय समाज को उसकी संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि स्वाभिमान, संस्कार और स्वावलंबन ही विकास का आधार हैं।
इस अवसर पर उत्तर क्षेत्र के नगरीय प्रमुख जय भगवान ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में संवाद और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति को मुख्यधारा से जोड़ना राष्ट्रीय एकता के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में डॉ. संतोष कुमारी, स्कूल के प्रधानाचार्य जितेंद्र सती, हरियाणा सरकार के अधिकारी गौरव सिंह, वायु सेना के ग्रुप कैप्टन राजेश मोहन और बालयोगी जितेंद्र दास व्यास सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में पूर्वोत्तर की छात्राओं ने लोकनृत्य और पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
आश्रम द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम विकास, जल संरक्षण और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में चलाए जा रहे प्रकल्पों की भी जानकारी दी गई। वर्तमान में संगठन देशभर के हजारों गांवों में सक्रिय है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय परिवारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।




