मानसून तैयारी, जलभराव और सीवरेज प्रबंधन को मजबूत करने के लिए गठित की गई विशेष सेल, 15 जनवरी तक प्रस्तुत होगा पहला ड्राफ्ट
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 3 जनवरी। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए नगर निगम गुरुग्राम ने मानसून से जुड़ी तैयारियों और आपात प्रतिक्रिया को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मानसून मैनेजमेंट सेल (एमएमसी) का गठन कर दिया है। इस संबंध में निगम आयुक्त प्रदीप दहिया द्वारा औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं। यह सेल मानसून के दौरान जलभराव, ड्रेनेज, सीवरेज और अन्य नागरिक समस्याओं से निपटने के लिए योजना, समन्वय, निगरानी और समीक्षा का कार्य करेगा।
मानसून मैनेजमेंट सेल की संरचना
मानसून मैनेजमेंट सेल का गठन आयुक्त के नेतृत्व में किया गया है, जिसमें नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। सेल में अतिरिक्त निगमायुक्त-प्रथम यश जालुका को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अतिरिक्त निगमायुक्त-तृतीय रविंद्र यादव, मुख्य अभियंता विजय ढाका, सभी कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता तथा पूर्व सीएमजीजीए कंसल्टेंट सुरभि साहू को भी इस सेल का हिस्सा बनाया गया है।
मानसून तैयारी की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विंग को
मानसून की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए कंसल्टेंट सुरभि साहू को इंजीनियरिंग विंग से जोड़ा गया है। वे कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार की देखरेख में विशेष रूप से मानसून प्रिपेयर्डनेस से जुड़े कार्यों को करेंगी।
कार्यक्षेत्र और प्रमुख जिम्मेदारियां
मानसून मैनेजमेंट सेल के तहत एक विस्तृत मानसून प्रिपेयर्डनेस प्लान तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत डी-सिल्टिंग, ड्रेन सफाई व अन्य मानसून संबंधित सिविल कार्यों के रिकॉर्ड का संकलन और सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही मानसून सीजन के दौरान आवश्यक मशीनरी की जरूरत और तैनाती का आकलन एवं दस्तावेजीकरण किया जाएगा। सेल द्वारा मानसून की निगरानी और प्रतिक्रिया के लिए एक मानक रिपोर्टिंग फॉर्मेट भी तैयार किया जाएगा तथा एमएमसी की बैठकों की कार्रवाई (मिनट्स ऑफ मीटिंग) भी संकलित की जाएगी। साथ ही पिछले वर्षों के मानसून डेटा का विश्लेषण कर कमियों, बाधाओं और बेहतर कार्यप्रणाली की पहचान की जाएगी।
15 जनवरी तक सौंपा जाएगा पहला ड्राफ्ट
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया है कि मानसून प्रिपेयर्डनेस प्लान का पहला ड्राफ्ट 15 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें संक्षिप्त और विस्तृत दोनों रूपों में योजना शामिल होगी।
सीवरेज मैनेजमेंट सेल में भी भूमिका
इसके अतिरिक्त सुरभि साहू को सीवरेज मैनेजमेंट सेल (एसएमसी) में भी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे यहां दस्तावेजीकरण, बैठकों की कार्यवाही, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार करने और समन्वय संबंधी कार्य करेंगी। यह कार्य मुख्य अभियंता, नगर निगम गुरुग्राम की निगरानी में संपन्न होगा।
रिपोर्टिंग और प्रभाव
सभी संबंधित कार्यों के लिए रिपोर्टिंग मुख्य अभियंता, नगर निगम गुरुग्राम को की जाएगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। निगमायुक्त के अनुसार इस पहल से मानसून के दौरान जलभराव, सीवरेज ओवरफ्लो और अन्य नागरिक समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा और शहर को बेहतर राहत मिलेगी।



