गुरुग्राम: धर्मपुर में किसान पस्त, बिल्डर मस्त
5 साल से गुहार, प्रशासन बेख़बर
ROF ALANTE सोसाइटी का गंदा पानी खेतों में छोड़ा जा रहा
करीब 5 एकड़ फसल पर संकट
मीटर गायब, जनरेटर के सहारे सोसाइटी
STP प्लांट नहीं, खेत गंदे नाले में तब्दील : किसानों का आरोप
महंगे फ्लैट, बुनियादी सुविधाएं नदारद : सोसाइटी निवासी
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 24 जनवरी। गुरुग्राम के सेक्टर 108 में एक सोसाइटी में रहने वाले लोगों और उसके साथ लगते गांव धर्मपुर के किसानों ने बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हम बात कर रहे हैं ROF ALANTE सोसाइटी की जहां करीब ढाई सौ से तीन सौ परिवार रहते हैं। यहां के निवासियों ने बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सोसायटी में बुनियादी सुविधाओं तक का अभाव है और आलम ये है कि यहां बिजली के मीटर ही नहीं हैं। पूरा दिन बिजली की सप्लाई डीज़ल जनरेटर से की जाती है। चाहे शहर में ग्रेप-4 लागू हो या फिर प्रदूषण अपने चरम पर हो, यहां जनरेटर धड़ल्ले से चलते रहते हैं। पर्यावरण गया भाड़ में, लेकिन बिल्डर की व्यवस्था कायम रहनी चाहिए। अब बात करते हैं सीवरेज सिस्टम की। सोसायटी में एसटीपी प्लांट नदारद है। बताया जा रहा है कि बिल्डर को आज तक इसकी परमिशन है या नहीं मिली? भगवान जाने। ऐसे में सवाल उठता है कि सोसायटी का गंदा पानी आखिर जाता कहां है? तो जवाब है, सोसायटी के पीछे बने खेतों में। वहां मौजूद खेत के मालिक वी किसान का आरोप है कि उसके करीब 5 एकड़ खेत में पिछले 5 सालों से इस सोसायटी का गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। पूरे इलाके में हर वक्त दुर्गंध फैली रहती है। किसान का कहना था कि वह कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा चुका है, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उसी पर मारपीट का मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। इतना ही नहीं, किसान ने ये भी आरोप लगाया कि बिल्डर ने अवैध रूप से रास्ता निकालते हुए उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया तो वहीं किसान के भाई ने प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है और कहा कि अगर उनकी सुनवाई नहीं होती है तो वे अपने बीवी-बच्चों के साथ धरने पर बैठने को मजबूर हों जाएगे। अब जरा इस सोसायटी में रहने वाले लोगों का दर्द भी सुन लीजिए।
यहां रहने वाले निवासी आरोप लगाते हैं कि हमारे पास पीने का पानी नहीं है , बाहर से टैंकर मंगवा कर गुजारा कर रहे हैं। स्थायी बिजली की व्यवस्था तो कभी थी ही नहीं। सुरक्षा व्यवस्था का आलम ये है कि सोसायटी के पिछले हिस्से की दीवार गिर चुकी है और बॉउंड्री वॉल ना होने के चलते इस खुली जगह से ना सिर्फ जानवर या जहरीले जीव बल्कि कोई भी बाहरी व्यक्ति आसानी से अंदर घुस सकता है जो कि एक बहुत बड़ा सिक्योरिटी थ्रेट है। लोगों का कहना था कि सोसायटी में गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। सोसाइटी का गंदा पानी ना सिर्फ खेतों में बल्कि सोसाइटी के पार्क में भी छोड़ा जाता है जिससे ना सिर्फ पूरे इलाके में दुर्गन्ध फैली रहती है बल्कि छोटे बच्चों में संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। हालात इतने बदतर हैं कि आवारा कुत्ते लिफ्ट के जरिए ऊपरी मंज़िलों तक पहुंच जाते हैं। सुरक्षा, सफाई और बुनियादी सुविधाएं… तीनों ही इस सोसायटी में सिर्फ कागज़ों में मौजूद हैं। निवासियों का आरोप है कि जब भी इन समस्याओं को लेकर बिल्डर से शिकायत की जाती है, तो जवाब मिलता है – “करवा देंगे… जल्दी करवा देंगे मेरी गांव वालो से बात चल रही है।”और इसी “जल्दी” के भरोसे लोग बीते कई महीनों से परेशानियां झेल रहे हैं। अब सवाल यह है कि जिन लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई लगाकर यहां घर खरीदा, वो आखिर जाएं तो जाएं कहां? और प्रशासन वो इस मामले में कब जागेगा? गुरुग्राम की इस चमकती तस्वीर के पीछे छुपी ये स्याह हकीकत अब सवाल पूछ रही है…क्या महंगे फ्लैट्स खरीदने का मतलब बुनियादी अधिकारों से समझौता करना है?
गुरुग्राम को आमतौर पर लग्ज़री हाईराइज, चमकती इमारतों और विश्वस्तरीय सुविधाओं का शहर कहा जाता है। लेकिन गुरुग्राम में एक ऐसी सोसाइटीज भी मौजूद है, जहां फ्लैट्स की कीमतें तो लग्ज़री का दावा करती हैं, मगर सुविधाएं ऐसी की किसी भी सिस्टम को शर्मिंदा कर दें। ROF ALANTE सोसायटी का नाम तो अंग्रेज़ी में है, दाम भी किसी पॉश सोसायटी से कम नहीं। यहां एक फ्लैट खरीदने के लिए करीब 80 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन अगर कोई यह सोच रहा है कि इतनी रकम चुकाने के बाद उसे बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, तो शायद उसे दोबारा सोचना पड़े।



