रिकॉडिंग विवाद को लेकर की थी हत्या
किए थे चाकू से गहरे वार
युवा होने की दलील भी काम नहीं आई, बेरहम हत्यारे को उमक्रैद की सजा
Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 24 जनवरी। गुरुग्राम की एक अदालत ने अपने साथी की बेरहमी से हत्या करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने साथ ही दोषी को मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। मुआवजा ना देने पाने की स्थिति में राज्य सरकार को दोषी की चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर मुआवजा राशि देने का आदेश दिया गया है। अदालत ने ट्रायल शुरू होने के बाद यह फैसला मात्र 23 महीने के भीतर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुनीत सहगल की अदालत के इस फैसले से मृतक के परिजन संतुष्ट नजर आए। जहां, पीड़ित के वकील विवेक कुमार की मजबूत पैरवी ने आरोपी की दोषसिद्धता साबित की। वहीं, पुलिस द्वारा समय पर दायर चार्जशीट और गहनता से जांच ने भी अदालत को सही निष्कर्ष तक पहुंचने में मदद की। आरोपी हत्या के दिन ही गिरफ्तार होने के बाद से आज तक जेल में ही है।
मोबाइल रिकॉर्डिंग के शक में उतारा मौत के घाट
तौकिर हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए ओजर खान उर्फ वाजर को शक था कि तौकिर ने उसकी कोई मोबाइल रिकॉर्डिंग है। जिसको लेकर वह आए दिन तौकिर से उलझता था। ओजर खान 24 अक्टूबर 2023 को अचानक तौकिर के घर पहुंचा और उसने मोबाइल रिकॉडिंग को लेकर तौकिर को देख लेने की धमकी दी।
धमकी को अमलीजामा पहनाया
ओजर ने अगले दिन अपनी धमकी को अमलीजामा पहनाते हुए शाम करीब 6 बजे तौकिर आलम को डीएलएफ फेज 4 में गणेश मंदिर नजदीक चक्करपुर में बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
किए थे चाकू से गहरे वार
ओजर ने तौकिर की हत्या चाकू घोंप की थी। ओजर ने तौकिर की छाती और कमर पर चाकू के गहरे वार किए थे। जिससे तौकिर की मौत हो गई थी।
भाई ने करवाया मामला दर्ज, पुलिस ने किया गिरफ्तार
तौकिर आलम की हत्या का मामला उसके भाई ने उसी दिन 25 अक्टूबर 2023 को सेक्टर 29 पुलिस थाने में दर्ज करवाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तौकिर हत्याकांड के आरोपी आलम को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था।
अदालती कार्रवाई
- पुलिस ने इस मामले में तेजी से अपनी जांच पूरी करते हुए 30 दिसंबर 2023 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
- अदालत में इस मामले का ट्रायल 24 फरवरी 2024 को शुरू हुआ।
- अदालत ने सभी गवाहों और चार्जशीट के आधार पर आरोपी ओजर खान को 17 जनवरी 2023 को दोषी करार दिया।
- अदालत ने 19 जनवरी 2026 को दोषी ओजर खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने ओजर पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया और साथ ही एक लाख का मुआवजा तौकिर के परिजनों को देने के आदेश भी दिए।
- 16 गवाह और चाकू पर खून ने दिलाया इंसाफ
- पूरे मामले में 16 लोगों ने गवाही दी। जिसमें एक आई विटनेस और एक दुकानदार का बयान बहुत महत्वपूर्ण रहा। इस दुकानदार से ओजर ने हत्या में प्रयोग में किया गया चाकू खरीदा था। तौकिर के कपड़ों पर मिले खून और चाकू में लगे खून के दाग की जांच रिपोर्ट भी
- इस केस में अहम कड़ी बनी। जिसमें कपड़ों और चाकू में लगे खून एक ही पाया गया था।
कम उम्र की दलील काम ना आई
अदालत में बचाव पक्ष की आरोपी ओजर की कम उम्र और उसमें सुधार की गुंजाइश की दलीलें भी काम नहीं आई। पीड़ित पक्ष के वकील विवेक कुमार ने अदालत के समक्ष मजबूती से पक्ष रखते हुए तौकिर की बेरहमी से की गई हत्या का हवाला दिया। जिससे अदालत सहमत दिखी।
हत्या के वक्त उम्र, कमाने वाला इकलौता
जहां हत्या के वक्त तौकिर की उम्र 42 साल थी। वहीं, ओजर खान की उम्र 25 साल। वहीं, तौकिर अपने घर में अकेला कमाने वाला था। घर पर उसके बूढ़े मां-बाप और पत्नी है।
दोनों बिहार के रहने वाले
तौकिर और ओजर खान बिहार के निवासी थे। तौकिर जहां बिहार के सुपौल जिले के हरिहरपुर का रहने वाला था। वहीं, ओजर खान बिहार के ही अररिया जिले के भनसिया गांव का रहने वाला है।
साथ में करते थे काम
हत्या से कुछ समय पहले दोनों नोएडा में एक साथ पेटिंग का काम किया था। हत्या के दौरान दोनों गुरुग्राम में एक कंपनी में लेबर का काम कर रहे थे।



