
झज्जर की स्वास्थ्य विभागी की टीम ने उप्र में चल रहे अवैध लिंग जांच गिरोह का किया पर्दाफाश
एक्स-रे मशीन संचालक द्वारा किया जा रहा था अवैध तरीके से अल्ट्रासाउंड
Bilkul Sateek News
झज्जर (विनीत नरूला), 27 मार्च। स्वास्थ्य विभाग झज्जर को विश्वसनीय सूचना मिली कि शामली जिले में अवैध लिंग निर्धारण कि गतिविधियां की जा रही हैं और कोई गिरोह इस तरह के अपराध को अंजाम दे रहा है। गिरोह गर्भवती महिलाओं के भ्रूण का लिंग जांच करवाकर मोटी रकम वसूलता है।
डॉ. संदीप कुमार नोडल ऑफिसर पीएनडीटी, डॉ. बसंत दूबे की टीम को इस रैकेट की जांच करने और इस गिरोह को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम ने एक प्रलोभन ग्राहक को तैयार किया। प्रलोभन ग्राहक की मदद से एजेंट अमित से संपर्क किया तो उसने बताया कि लिंग जांच करवाने के पैंतीस हजार लगेंगे और उसने 26 मार्च को सुबह सात बजे के आसपास सिविल हॉस्पिटल करनाल के सामने बुलाया।
सीएमओ करनाल ने भी टीम का गठन किया और टीम में डॉ. शीनू चौधरी व डॉ. नीरू को भी शामिल किया गया। टीम ने प्रलोभन ग्राहक को 35000 रुपये दिए और अलग गाड़ी में बैठा दिया और उनका पीछा करने लगी। एजेंट अमित प्रलोभन ग्राहक को लेकर शामली जलालाबाद पहुंचा और थोड़ी देर में एक बाइक पर दो एजेंट रजनीश और विजय राणा आए। एजेंट रजनीश ने 35000 रुपये लिए और प्रलोभन ग्राहक को अपनी बाइक पर बैठा लिया गया और प्रलोभन ग्राहक को दिव्या पैरामेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल जलालाबाद शामली पर ले गए। प्रलोभन ग्राहक का अल्ट्रासाउंड कर उसके पेट में लड़का बताया गया। इसके बाद तुरंत टीम ने एजेंट रजनीश और गाड़ी में पहले से बैठे एजेंट अमित को पकड़ लिया। यह देख कर एजेंट विजय बाइक को लेकर 8000 रुपये के साथ फरार हो गया, जो पैसे एजेंट रजनीश ने उसको 35000 रुपये में से दिए थे। टीम ने उसका पीछा भी किया पर वह भागने में सफल रहा, इसके बाद संयुक्त टीम दोनों एजेंटों को पकड़कर दिव्या पैरामेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लेकर आई और छानबीन की।
एजेंट रजनीश से 27 हजार रुपये बरामद किए गए। पूछताछ करने पर पता लगा कि अल्ट्रासाउंड करने वाला मोहमद अदिम पुत्र मोहमद रईस था जो कि डॉक्टर नहीं है बल्कि एक्स-रे मशीन संचालक है और बिना किसी योग्यता के अल्ट्रासांडड करके लिंग जांच कर रहा था। टीम ने एजेंट अमित, रजनीश, विजय राणा, मोहम्मद अदिम, डॉ. वसन पाल सिंह और अस्पताल के मालिक महिपाल सिंह राणा के खिलाफ पीसीपीएनडी एक्ट की विभिन्न धाराओं में थाना भवन पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज करवाया। तीनों आरोपियों को 27 मार्च को पुलिस द्वारा शामली कोर्ट में पेश किया गया।