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नूंह, 22 जनवरी। नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र में 2020 में दर्ज गोहत्या और प्रतिबंधित मांस रखने के एक मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शशि चौहान की अदालत ने तीन दोषियों को कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों को हरियाणा गौवंश संरक्षण एवं गौसंवर्धन अधिनियम के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और प्रत्येक पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना ना चुकाने पर अतिरिक्त 6 महीने की साधारण कैद का प्रावधान किया गया है ।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 3 सितंबर 2020 को फिरोजपुर झिरका पुलिस ने गांव सकरास के पास से आरोपी आसिफ पुत्र अख्तर, आस मोहम्मद पुत्र शादी खान निवासी मदारीबास, सकरास और अलजाज अंजाज पुत्र रमजान निवासी हसनपुर बिलोन्दा को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से लगभग 200 किलोग्राम ताजा गोमांस, एक तौलने की मशीन, लकड़ी का टुकड़ा, चाकू, कुल्हाड़ी और 1 किलोग्राम का वजन बरामद हुआ था।
नूंह पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गोहत्या कर गोमांस बेचने के इरादे से रखा था। चार आरोपियों में से एक अख्तर पुत्र इशाक की मौत हो जाने के कारण 15 अक्टूबर 2024 को उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। बाकी तीन दोषियों आसिफ, आस मोहम्मद और एजाज के खिलाफ सुनवाई पूरी हुई। दोषियों ने गरीबी, बुजुर्ग माता-पिता और कोई पूर्व दोषसिद्धि न होने का हवाला देकर दया की गुहार लगाई, लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर दृष्टिकोण अपनाया। अदालत ने फैसले में कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 19 नवंबर 2015 को अधिसूचित अधिनियम गोवंश की हत्या, गोमांस की बिक्री, भंडारण, परिवहन या रखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है। आरोपी न केवल गोहत्या में शामिल थे, बल्कि 200 किलोग्राम गोमांस बेचने के लिए तैयार रखा हुआ था, जो समाज में कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गंभीर अपराध है।
पुलिस प्रवक्ता ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह अवैध गोहत्या और गोमांस व्यापार करने वालों के लिए एक मजबूत संदेश है। उन्होंने बताया कि मामले में मजबूत सबूत पेश किए गए, जिससे दोषसिद्धि हुई।



