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नूंह, 21 जनवरी। जिले में एक सिद्धदोषी कैदी ने पैरोल नियमों का उल्लंघन कर जेल से फरार होने की कोशिश की, जिसके चलते अदालत ने उसे अतिरिक्त सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट छवि गोयल की अदालत ने कैदी जमशेद पुत्र उमर मोहम्मद निवासी गांव शिकारपुर थाना सदर तावडू, जिला नूंह को हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए 2 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक अतिरिक्त माह की साधारण कारावास की सजा होगी।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जमशेद पहले से ही एक गंभीर मामले में सजा काट रहा था। वर्ष 2019 में थाना सदर तावडू में दर्ज दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल ने 15 नवंबर को उसे 10 वर्ष की कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस सजा की अवधि काटते हुए वह जिला जेल नूंह में बंद था। जिला जेल नूंह के रिकॉर्ड के अनुसार 13 जून 2024 को उसे 10 सप्ताह की नियमित पैरोल पर रिहा किया गया था। पैरोल के दौरान उसे स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वह 23 अगस्त 2024 को जेल में आत्मसमर्पण कर दे, लेकिन कैदी लगातार गैरहाजिर रहा और जेल में वापस नहीं लौटा। इस उल्लंघन पर जेल अधीक्षक नूंह ने 1 सितंबर 2024 को थाना सदर तावडू को पत्र लिखकर कैदी के खिलाफ मामला दर्ज करने और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने का अनुरोध किया। इसके आधार पर तावड़ू सदर थाना पुलिस ने 3 सितंबर 2024 को केस दर्ज किया था। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट छवि गोयल ने 20 जनवरी को दोष सिद्धि वारंट जारी किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह सजा पहले से चल रही 10 वर्ष की सजा के अतिरिक्त होगी। कैदी को जिला जेल नूंह में सुपुर्दगी के लिए भेजा गया है, जहां वह अब इस नई सजा को भी काटेगा।



