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नूंह, 26 नवंबर। NIA और पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में नूंह निवासी वकील रिजवान को गिरफ्तार किया है। उसके साथ मुशर्रफ उर्फ परवेज एडवोकेट को भी हिरासत में लिया गया है। रिजवान गुरुग्राम की अदालत में प्रैक्टिस करता है। रिजवान तावड़ू खंड के गांव खरखड़ी के रहने वाले जुबेर का बेटा है।
रिजवान के खिलाफ तावड़ू सदर थाने में देश विरोधी गतिविधियों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें रिजवान पर आरोप है कि उसने पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों से ऑनलाइन संपर्क किया और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किया।
उधर, जांच एजेंसियों ने उसके साथी मुशर्रफ उर्फ परवेज एडवोकेट को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मुशर्रफ को मंगलवार देर रात करीब 1 बजे उसके घर से हिरासत में लिया गया। दो गाड़ियों में दर्जन भर पुलिस कर्मी उसके घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। मुशर्रफ ने ही गेट खोला। गेट खोलते ही टीम ने उसे हिरासत में ले लिया गया।
बता दें कि इस साल नूंह (मेवात) क्षेत्र में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में यह तीसरी गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले गांव राजाका निवासी अरमान और गांव कांगरका निवासी मोहम्मद तारीफ को जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अरमान दो बार और तारीफ ने तीन बार पाकिस्तान की यात्रा की थी। वहीं दोनों आईएसआई के संपर्क में आए। फिलहाल, ये दोनों जेल में बंद है। कोर्ट में इनके मामले विचाराधीन है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिजवान पर आरोप है कि उसने पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों से ऑनलाइन संपर्क किया और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किया। जांच एजेंसियों को जब इसकी भनक लगी तो छानबीन शुरू हुई। रिजवान के मोबाइल में वॉट्सऐप चैट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार एडवोकेट रिजवान के परिवार के कुछ लोग हिंदुस्तान-पाकिस्तान बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे। उसके बाद से रिजवान और उसके परिवार का पाकिस्तान आना–जाना लगा रहता है। सूत्रों के मुताबिक रिजवान भी पाकिस्तान जा चुका है। इसके बाद वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में आ गया। उधर, रिजवान के चाचा जाकिर हुसैन ने बताया कि रिजवान कभी पाकिस्तान नहीं गया।
जांच एजेंसी अब आरोपी रिजवान से पूछताछ कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि वह कितनी बार पाकिस्तान गया। किसकी मदद से गया। पूर्व में पकड़े गए आरोपियों तारीफ और अरमान की मदद दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन के अधिकारी दानिश ने की थी। कहीं इसका लिंक भी तो दानिश से नहीं है या किसी और हैंडलर के संपर्क में आया। देखा जा रहा है कि किस तरह की जानकारी उसने आईएसआई को भेजी। तावड़ू सदर थाने में रिजवान के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है।




