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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
लेडी फ्लोरेंस कॉन्वेंट स्कूल में सजा ‘महाशक्ति’ उत्सव, डांडिया और धुनुची नृत्य ने मोहा मन
गुरुग्राम: लेडी फ्लोरेंस कॉन्वेंट स्कूल में नवरात्रि के अवसर पर ‘महाशक्ति’ उत्सव धूमधाम से मनाया गया। मां दुर्गा की शक्ति और नारी सम्मान को समर्पित इस कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की खूबसूरत झलक देखने को मिली। रंग-बिरंगी सजावट, पारंपरिक डांडिया और धुनुची नृत्य ने उत्सव में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम में महिलाओं और माताओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

उत्सव में पारंपरिक डांडिया नृत्य खास आकर्षण रहा। संगीत की धुन पर महिलाओं और माताओं ने डांडिया खेलकर नवरात्रि की खुशियां साझा कीं। वहीं, धुनुची नृत्य ने बंगाल की सांस्कृतिक परंपरा से रूबरू कराया। कार्यक्रम में लगाए गए विभिन्न स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इन स्टॉल के जरिए लोगों को आपस में मिलने-जुलने और उत्सव का आनंद लेने का मौका मिला।
शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर संभाली जिम्मेदारियां: कार्यक्रम को सफल बनाने में लेडी फ्लोरेंस कॉन्वेंट स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने अहम भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर आयोजन की व्यवस्थाएं संभालीं और पूरे उत्साह के साथ सहयोग किया। उनकी भागीदारी ने टीम भावना और मिल-जुलकर काम करने का संदेश दिया।
महिलाओं के सम्मान और आत्मविश्वास का संदेश: इस अवसर पर स्कूल की निदेशक अरुणा डांग ने कहा, “महाशक्ति केवल मां दुर्गा की आराधना का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हर महिला के भीतर मौजूद शक्ति, साहस और आत्मविश्वास को पहचानने का संदेश भी देता है। महिलाएं परिवार, समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए जरूरी है कि उनके योगदान का सम्मान किया जाए और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।”
उन्होंने कहा कि स्कूल का प्रयास है कि बच्चों को पढ़ाई के साथ ऐसे संस्कार भी दिए जाएं, जिनसे वे हर महिला का सम्मान करना सीखें और समाज में समानता की भावना को मजबूत बनाएं।
अरुणा डांग ने यह भी कहा कि भारतीय त्योहार बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अच्छा माध्यम हैं। ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते हैं, बल्कि बच्चों को आपसी सहयोग और दूसरों के सम्मान का महत्व भी सिखाते हैं।
लेडी फ्लोरेंस कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित ‘महाशक्ति’ उत्सव ने नवरात्रि की खुशियों के साथ महिला सम्मान, सांस्कृतिक विरासत और आपसी सहयोग का संदेश दिया।




