पॉलीथिन, कचरा जलाने और निर्माण मलबा फैलाने वालों पर नगर निगम की कार्रवाई, ड्रेनों में कचरा डालने पर भी सख्ती
गुरुग्राम, 23 अक्टूबर 2026। शहर में गंदगी फैलाने और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नगर निगम गुरुग्राम ने सख्ती बढ़ा दी है। अक्टूबर के शुरुआती 23 दिनों में निगम की ओर से अलग-अलग उल्लंघनों के मामलों में 827 चालान काटे गए। इन मामलों में कुल 30 लाख 18 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई में सबसे ज्यादा मामले पॉलीथिन के इस्तेमाल से जुड़े रहे। इसके अलावा निर्माण मलबा फैलाने, खुले में कचरा जलाने, ड्रेनों में कचरा डालने और धूल नियंत्रण के नियमों की अनदेखी करने वालों पर भी जुर्माना लगाया गया।

नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 के बीच पॉलीथिन के इस्तेमाल के 414 मामले सामने आए। इन पर 3.09 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, डस्टबिन उपलब्ध नहीं कराने के 191 मामलों में 95,500 रुपये का जुर्माना किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि शहर में सफाई से जुड़े नियमों का पालन कराने के लिए निगम को लगातार कार्रवाई करनी पड़ रही है।
निर्माण मलबा और धूल फैलाने वालों पर भी कार्रवाई: निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे और धूल को लेकर भी नगर निगम ने कार्रवाई की। निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट से जुड़े 40 मामलों में 9.65 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, निर्माण सामग्री को बिना ढके ले जाने वाले वाहनों के 38 मामलों में 1.90 लाख रुपये का जुर्माना किया गया।
धूल नियंत्रण के उपायों का पालन नहीं करने पर 13 मामलों में 3.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। निर्माण स्थलों पर मलबे का सही तरीके से निपटान करना और निर्माण सामग्री को ढककर ले जाना जरूरी है, ताकि सड़कों पर गंदगी और धूल न फैले। निगम की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे उल्लंघनों पर रोक लगाना है, जिनका असर शहर की सफाई और हवा की गुणवत्ता पर पड़ता है।
कचरा जलाने और ड्रेनों में गंदगी डालने पर सख्ती: नगर निगम ने कचरा जलाने के 21 मामलों में 1.05 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। खुले में शौच के 21 मामलों में 10,500 रुपये और पानी की बर्बादी के 9 मामलों में 13,500 रुपये का जुर्माना किया गया।
सीवेज और सेप्टेज से जुड़े 5 मामलों में 1.75 लाख रुपये की कार्रवाई की गई। इसके अलावा, ड्रेनों में कचरा डालने और अवैध कनेक्शन से संबंधित 70 मामलों में कुल 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। थोक में कचरा डंप करने के 3 मामलों में 1 लाख रुपये की कार्रवाई हुई। बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) से जुड़े एक मामले में 25 हजार रुपये और पशु गोबर से संबंधित एक मामले में 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
निगमायुक्त ने लोगों से की नियमों का पालन करने की अपील: नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने नागरिकों, दुकानदारों, निर्माण एजेंसियों और अन्य संबंधित लोगों से स्वच्छता एवं पर्यावरण से जुड़े नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें, निर्माण सामग्री को ढककर रखें, खुले में कचरा न जलाएं और पानी की बर्बादी से बचें।
नगर निगम की ओर से साफ किया गया है कि शहर में सफाई व्यवस्था और पर्यावरण को बेहतर बनाए रखने के लिए लोगों का सहयोग जरूरी है। नियमों का पालन करने से न केवल सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर गंदगी कम होगी, बल्कि जल निकासी व्यवस्था और शहर के पर्यावरण को भी बेहतर रखने में मदद मिलेगी।
नगर निगम की यह कार्रवाई ऐसे समय में अहम है, जब शहर में बढ़ते निर्माण कार्यों, कचरे के निपटान और धूल जैसी समस्याओं को लेकर सफाई व्यवस्था पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है। अब देखना होगा कि चालान और जुर्माने की इस कार्रवाई से शहर में नियमों के पालन और सफाई व्यवस्था में कितना सुधार आता है।




