Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
Official Version: Naveen Sharma ( ACP Crime, Gurugram)
गुरुग्राम में 673 किलो गांजा बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार
राजीव चौक पर पकड़ा गया गांजे से भरा ट्रक, ओडिशा से भिवाड़ी ले जा रहे थे खेप; पुलिस ने 10 दिन के रिमांड पर लिया
गुरुग्राम: गुरुग्राम पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 673 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की कीमत करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये है। क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 की टीम ने राजीव चौक के पास प्लास्टिक के दानों से भरे एक टाटा ट्रक को रुकवाकर तलाशी ली तो उसमें गांजे की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने ट्रक चालक और क्लीनर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की पहचान साबिर और सनावर के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि गांजे की यह खेप ओडिशा से राजस्थान के भिवाड़ी पहुंचाई जानी थी।

प्लास्टिक के दानों की बोरियों के नीचे छिपा रखा था गांजा: पुलिस के मुताबिक, 25 और 26 अक्टूबर की मध्यरात्रि को क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 की टीम राजीव चौक के पास गश्त कर रही थी। टीम का नेतृत्व उपनिरीक्षक अरुण कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि राजस्थान नंबर के एक टाटा ट्रक में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध ट्रक को रुकवाया और उसकी तलाशी ली। ट्रक में प्लास्टिक के दानों से भरे बैग रखे हुए थे। जब पुलिस ने इन बोरियों के नीचे जांच की तो गांजे की खेप बरामद हुई। तस्करों ने गांजे को इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में उस पर आसानी से नजर न पड़े।
पुलिस ने ट्रक से गांजे की कुल 23 बोरियां बरामद कीं। इनका वजन 673 किलो बताया गया है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा टाटा ट्रक, प्लास्टिक के दानों से भरे 767 बैग और 15 पोट भी कब्जे में लिए गए हैं।
राजस्थान के रहने वाले हैं दोनों आरोपी: गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय साबिर और 19 वर्षीय सनावर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, साबिर राजस्थान के खैरथल जिले में फूलबाग थाना क्षेत्र के गांव उदयपुर का रहने वाला है। वहीं, सनावर खैरथल जिले के किशनगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर का निवासी है।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ट्रक साबिर का है और वही इसे चला रहा था। उसने सनावर को 20 हजार रुपये महीने के वेतन पर क्लीनर के तौर पर रखा हुआ था। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर रही है कि गांजे की खेप कहां से उठाई गई थी और इसे भिवाड़ी में किस व्यक्ति तक पहुंचाना था।
खेप पहुंचाने के बदले मिलने थे 2 लाख रुपये: पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, दोनों आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर राजस्थान के भिवाड़ी जा रहे थे। वहां इस खेप की डिलीवरी करने के बदले उन्हें अपने अन्य साथियों से 2 लाख रुपये मिलने थे।
पुलिस का दावा है कि आरोपी इससे पहले भी प्लास्टिक के दानों और दूसरे सामान के बीच गांजा छिपाकर ले जाने की दो बार कोशिश कर चुके थे। इस बार वे तीसरी खेप पहुंचाने की तैयारी में थे, लेकिन गुरुग्राम में राजीव चौक के पास पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इससे पहले की दोनों खेप कहां पहुंचाई गई थीं और इस पूरे काम में आरोपियों के साथ कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि गांजे की सप्लाई के लिए ट्रक और प्लास्टिक के दानों का इस्तेमाल करने के पीछे क्या तरीका अपनाया जाता था।
NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज, 10 दिन के रिमांड पर आरोपी: गुरुग्राम के थाना सदर में 26 अक्टूबर को दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस अब रिमांड के दौरान गांजे के स्रोत, सप्लाई लेने वाले लोगों और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि ओडिशा से राजस्थान तक गांजे की खेप पहुंचाने के लिए किन लोगों की मदद ली जा रही थी।
तस्करी नेटवर्क के दूसरे लोगों की तलाश में जुटी पुलिस: इस मामले में पुलिस की जांच अब केवल ट्रक में गांजा लेकर जा रहे दोनों आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप किसने उपलब्ध कराई, भिवाड़ी में इसे किसे सौंपा जाना था और इस पूरे नेटवर्क को कौन चला रहा है।
गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक, नशा तस्करी के खिलाफ अभियान जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें नशे की तस्करी या किसी संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
राजीव चौक पर पकड़ी गई गांजे की यह बड़ी खेप ऐसे समय में सामने आई है, जब पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।




