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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम में सफाई और प्रदूषण पर सख्ती, लापरवाही करने वाली एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट
गुरुग्राम, 29 अक्टूबर। शहर में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने और सड़कों की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने सख्ती शुरू कर दी है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़कों की सफाई से लेकर धूल पर नियंत्रण और कचरा जलाने की घटनाओं तक, हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।

निगमायुक्त ने वीरवार को अपने कार्यालय में सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों की रात के समय नियमित जांच करने, खराब मशीनों को तय समय में ठीक कराने और निरीक्षण की रिपोर्ट इंस्पेक्शन ऐप के जरिए भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि जमीन पर काम भी दिखाई देना चाहिए।
रात में भी होगी रोड स्वीपिंग मशीनों की निगरानी: नगर निगम की ओर से सड़कों की सफाई के लिए इस्तेमाल की जा रही मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों पर अब खास नजर रखी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रात के समय इन मशीनों के संचालन की नियमित जांच करें। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आएं, उनकी रिपोर्ट इंस्पेक्शन ऐप के माध्यम से भेजी जाए।
अगर कोई मशीन खराब है, तो उसे तय समय सीमा के भीतर ठीक करवाना होगा, ताकि सफाई का काम प्रभावित न हो। निगमायुक्त ने अधिकारियों को यह भी कहा कि मशीनों के संचालन और सफाई कार्य की निगरानी नियमित रूप से की जाए, जिससे व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई न रहे।
धूल, कचरे और मलबे पर रहेगी नजर: शहर की सड़कों पर जमा धूल-मिट्टी, कचरे, निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) मलबे और बागवानी कचरे की स्थिति का पता लगाने के लिए निरीक्षण टीमें सड़कों का जायजा लेंगी। इन टीमों को मौके पर स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
निगमायुक्त ने कहा कि सड़कों पर जमा धूल और मलबा वायु प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह बन सकते हैं। ऐसे में इनकी पहचान कर समय पर सफाई कराना जरूरी है। डस्ट फ्री अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम दूसरे संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि सड़कों पर धूल कम हो और प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिले।
टेंडर की शर्तें नहीं मानीं तो एजेंसियों पर होगी कार्रवाई: सफाई कार्य में लगी एजेंसियों को भी नगर निगम ने साफ संदेश दिया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि सभी एजेंसियों को टेंडर की शर्तों के अनुसार जरूरी कर्मचारियों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। काम के लिए जितने कर्मचारियों और संसाधनों की जरूरत तय की गई है, उन्हें उसी के अनुसार उपलब्ध कराना होगा।
अगर कोई एजेंसी तय शर्तों के मुताबिक काम नहीं करती या जरूरी कार्यबल और संसाधन उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतती है, तो उसके खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अधिकारियों को सफाई कार्यों की गुणवत्ता जांचने और एजेंसियों के पास उपलब्ध कर्मचारियों व संसाधनों का नियमित सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए।
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए एजेंसियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है। जहां भी कमियां मिलें, उन्हें समय रहते दूर कराया जाए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।
कचरा जलाने की घटनाओं पर 24 घंटे नजर: शहर में कचरा या दूसरी सामग्री जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए भी नगर निगम निगरानी बढ़ाएगा। अधिकारियों को 24 घंटे ऐसी घटनाओं पर नजर रखने और सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता को खराब कर सकता है। ऐसे में निगमायुक्त ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए और शिकायत या सूचना मिलने पर कार्रवाई में देरी न हो।
इसके अलावा, सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव जारी रखने को कहा गया है। इसका उद्देश्य सड़क की धूल को उड़ने से रोकना और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावी बनाना है।
अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश: निगमायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि सफाई, धूल नियंत्रण और प्रदूषण से जुड़े कामों की नियमित निगरानी की जाए। रोड स्वीपिंग मशीनों के संचालन, सड़कों की सफाई, कचरे और निर्माण मलबे की स्थिति के साथ-साथ कचरा जलाने की घटनाओं पर भी लगातार नजर रखी जाए।
उन्होंने जोर दिया कि केवल निर्देश जारी करना काफी नहीं है, बल्कि उनका पालन भी सुनिश्चित करना होगा। निरीक्षण में मिली कमियों को दूर करने के साथ तय प्रक्रिया के अनुसार रिपोर्ट भी भेजनी होगी।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका और रविन्द्र यादव सहित संयुक्त आयुक्त, कार्यकारी अभियंता और सहायक अभियंता मौजूद रहे। नगर निगम की इस कवायद का उद्देश्य शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना, सड़कों से धूल कम करना और प्रदूषण नियंत्रण के लिए मैदानी स्तर पर निगरानी मजबूत करना है।




