photo source: https://odtransportmis.nic.in/EVCell/
Bilkul Sateek News
चंडीगढ़, 28 नवंबर। हरियाणा के एनसीआर से जुड़े गुरुग्राम-फरीदाबाद समेत 14 जिलों में अब ई-कॉमर्स, होम डिलीवरी और एग्रीगेटर कंपनियों के वाहन नई व्यवस्था के तहत सरकार की सख्त निगरानी में आएंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि 1 जनवरी तक ऐसा पोर्टल तैयार किया जाए, जिस पर इन कंपनियों के सभी वाहनों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। परिवहन विभाग अगले 20 दिन में यह पोर्टल तैयार करने की प्रक्रिया पूरी कर लेगा।
सरकार के अनुसार, अब कंपनियां जब भी नया दोपहिया, चारपहिया या मालवाहक वाहन खरीदेंगी, तो उन्हें पेट्रोल-डीजल से चलने वाले विकल्प छोड़कर इलेक्ट्रिक, सीएनजी या पीएनजी वाहनों को ही अपनाना होगा। यह कदम एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और साफ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
परिवहन आयुक्त अतुल कुमार ने बताया कि पोर्टल शुरू होने के बाद सभी कंपनियों के वाहनों के ईंधन प्रकार और संख्या का वास्तविक डाटा उपलब्ध हो सकेगा। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि एनसीआर में वर्तमान में कितने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन संचालित हो रहे हैं। भविष्य में खरीदे जाने वाले वाहनों की जानकारी भी इसी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
इन जिलों में रहेगी निगरानी
गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल। इन जिलों में खाद्य डिलीवरी, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स व अन्य सेवाओं में लगे सभी वाहनों का विवरण कंपनियों द्वारा अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।




