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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम में 87 असुरक्षित भवनों पर जल्द होगी कार्रवाई, 66 को नोटिस
गुरुग्राम, 15 अक्टूबर। गुरुग्राम में खतरनाक और जर्जर भवनों के खिलाफ नगर निगम जल्द कार्रवाई करने की तैयारी में है। निगम क्षेत्र में अब तक 87 असुरक्षित भवनों की पहचान की गई है। इनमें से 66 भवनों के मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि बाकी भवनों को नोटिस देने की प्रक्रिया चल रही है। निगम का कहना है कि जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन भवनों को गिराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

असुरक्षित भवनों से लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने अपने क्षेत्र में ऐसे भवनों की पहचान की है। निगम की ओर से संबंधित भवनों के मामलों में नोटिस जारी करने समेत जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई होगी।
जोन-1 में सबसे ज्यादा 35 असुरक्षित भवन: नगर निगम के सर्वे में गुरुग्राम के सभी छह जोन में कुल 87 असुरक्षित भवन सामने आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा भवन जोन-1 में हैं। जोनवार आंकड़ों के अनुसार, जोन-1 में 35, जोन-2 में 4, जोन-3 में 12, जोन-4 में 9, जोन-5 में 18 और जोन-6 में 9 असुरक्षित भवनों की पहचान की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, जोन-1 में सबसे अधिक 35 भवन हैं, जबकि जोन-2 में सबसे कम 4 भवन चिन्हित किए गए हैं। जोन-5 में भी 18 असुरक्षित भवन मिले हैं। नगर निगम इन सभी भवनों के मामलों में आगे की प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है।
नोटिस के बाद गिराए जाएंगे असुरक्षित भवन: नगर निगम की ओर से 66 भवनों के मालिकों को कारण बताओ नोटिस दिए जा चुके हैं। बाकी भवनों के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया जारी है। निगम की योजना है कि नोटिस और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद संबंधित भवनों को नियमानुसार गिराया जाए।
संबंधित जोन के अधिकारी इस दिशा में जरूरी कदम उठा रहे हैं। हालांकि, निगम की ओर से कार्रवाई शुरू करने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। फिलहाल नोटिस की प्रक्रिया पूरी करने पर काम किया जा रहा है।
नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता: निगमायुक्त: नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि गुरुग्राम में असुरक्षित और खतरनाक भवनों के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे भवनों की पहचान कर नियमानुसार जरूरी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि संबंधित भवनों के मामलों में नोटिस जारी करने सहित सभी निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निगम का उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना और खतरनाक भवनों से जुड़े संभावित जोखिमों को कम करना है। नगर निगम की इस कार्रवाई के तहत अब सभी 87 चिन्हित भवनों के मामलों में जरूरी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। इसके बाद नियमानुसार तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।




