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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम में 80 से अधिक बुजुर्गों ने सीखा स्वस्थ रहने का तरीका
गुरुग्राम: सिल्वर स्ट्रीक मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर ‘द आर्ट ऑफ हेल्दी एजिंग’ नाम से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें आसपास की रिहायशी सोसायटियों के 80 से अधिक वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में बढ़ती उम्र में सेहत का ध्यान रखने, रोजमर्रा की जिंदगी में सुरक्षित रहने और मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने से जुड़ी अहम बातें साझा की गईं।

कार्यक्रम का मकसद बुजुर्गों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें आपस में मिलने-जुलने और अपने अनुभव साझा करने का मौका देना भी था। इस दौरान डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी, वहीं सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपायों पर भी चर्चा की गई।
अस्पताल के मनोचिकित्सक और जनरल सर्जन ने बढ़ती उम्र में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं, समय पर डॉक्टर से सलाह लेने और अच्छी जीवनशैली अपनाने के महत्व के बारे में बताया। इसके अलावा, कार चलाते समय सावधानी बरतने, आग से बचाव और बिजली के झटके से सुरक्षित रहने के तरीके भी समझाए गए। इन जानकारियों के जरिए वरिष्ठ नागरिकों को रोजमर्रा के काम करते समय सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया।
गीत-संगीत और क्विज ने बनाया कार्यक्रम को खास: कार्यक्रम में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के साथ मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखा गया। गीत-संगीत, क्विज और हंसी-मजाक के बीच वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान कुछ बुजुर्गों का जन्मदिन भी मनाया गया। अस्पताल की ओर से उन्हें शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया और केक काटकर खुशियां साझा की गईं। इन गतिविधियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
सिल्वर स्ट्रीक मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल के संस्थापक, प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. वी. के. गुप्ता ने कहा कि स्वस्थ उम्र बढ़ने का मतलब सिर्फ बीमारियों से दूर रहना नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता बनाए रखना भी है।
उन्होंने कहा कि समय पर इलाज के साथ रोजमर्रा की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और लोगों से मेलजोल भी बुजुर्गों की सेहत में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए वरिष्ठ नागरिकों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित, सम्मानित व समाज से जुड़ा हुआ महसूस कराने की कोशिश की जाती है।
डॉ. गुप्ता के मुताबिक, बुजुर्गों की सेहत और खुशहाली का ध्यान केवल किसी खास दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इस पर पूरे साल ध्यान देने की जरूरत है।
इस कार्यक्रम के जरिए अस्पताल ने यह संदेश दिया कि बुजुर्गों की बेहतर सेहत के लिए इलाज के साथ-साथ सम्मान, सुरक्षा, भावनात्मक सहयोग और सामाजिक जुड़ाव भी जरूरी हैं। बढ़ती उम्र में अपनों के साथ समय बिताना, सक्रिय रहना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।




