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Reporter: Manuj Sharma
Author: Manuj Sharma
गुरुग्राम, 15 अक्टूबर। गुरुग्राम सहित पूरे एनसीआर में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए अब निगरानी बढ़ाई जाएगी। हरियाणा के वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि प्रदूषण रोकने के लिए किए जा रहे कामों की नियमित जांच हो और हर सप्ताह इसकी रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने एनसीआर के जिलों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

राव नरबीर सिंह ने गुरुवार दोपहर बाद गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें गुरुग्राम, रेवाड़ी, नूंह और महेंद्रगढ़ जिलों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई। बैठक में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर निगरानी बढ़ाने और व्यवस्था में सुधार करने पर जोर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में प्रदेश के विधायकों की बैठक में गुरुग्राम में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते शहर के लोगों के प्रति उनकी जवाबदेही है। इसलिए गुरुग्राम के साथ पूरे एनसीआर में प्रदूषण कम करने और नागरिक सुविधाओं को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने जरूरी हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू होने का इंतजार करने के बजाय प्रदूषण रोकने के उपाय पहले से ही जमीन पर दिखाई देने चाहिए। इसके लिए विभागों को समय रहते कार्रवाई करनी होगी और काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
हर सप्ताह देनी होगी प्रदूषण नियंत्रण की रिपोर्ट: राव नरबीर सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कामों की नियमित निगरानी करें और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट पेश करें। रिपोर्ट के आधार पर कमियों की पहचान कर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही नगर निगम और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को भी जरूरत के मुताबिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।
उन्होंने एनसीआर के जिलों में बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की पहचान करने, नियमित जांच करने और नियमों का पालन कराने में तेजी लाई जा सके।
निर्माण स्थलों और RMC प्लांट पर खास नजर: बैठक में निर्माण स्थलों, रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट और सड़कों की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि धूल और दूसरे प्रदूषणकारी स्रोतों पर नियंत्रण के लिए संबंधित विभाग आपसी तालमेल से काम करें। निर्माण स्थलों पर तय नियमों का पालन हो और सड़कों की सफाई व्यवस्था की भी नियमित जांच की जाए।
इसके अलावा अधिकारियों को प्रदूषण के अलग-अलग स्तरों के अनुसार विभिन्न स्थानों से सैंपल लेने और उनकी जांच कराने को कहा गया। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की नियमित निगरानी करने के साथ बल्क वेस्ट जनरेटर से भी अधिक से अधिक सैंपल लेकर जांच करने के निर्देश दिए गए।
राव नरबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई करना काफी नहीं है। जरूरी है कि उठाए गए कदमों का असर जमीन पर दिखाई दे। इसके लिए नियमित जांच, समय पर समीक्षा और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। बैठक में संबंधित जिलों के क्षेत्रीय अधिकारी, सहायक पर्यावरण अभियंता और वैज्ञानिक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




