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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम में खुदाई से झुकी चार मंजिला इमारत, चार परिवार शिफ्ट
गुरुग्राम: सेक्टर-31 में एक खाली प्लॉट पर चल रही खुदाई के दौरान पास की चार मंजिला इमारत में दरारें आ गईं। हालात बिगड़ने पर इमारत करीब ढाई इंच तक झुक गई। दीवारों और पिलर में दरारें आने के बाद दो मकानों में रहने वाले चार परिवारों को सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया। इमारत को और झुकने से रोकने के लिए पहले बांस की बल्लियों का सहारा लिया गया और बाद में मौके पर क्रेन भी बुलाई गई।

खुदाई के दौरान इमारत में आई दरारें: घटना शुक्रवार को सेक्टर-31 में मकान नंबर 769 के पास हुई। यहां खाली प्लॉट में जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान पास की चार मंजिला इमारत की दीवारों और पिलर में दरारें दिखाई देने लगीं। इमारत के झुकने का पता चलते ही वहां रहने वाले लोग बाहर निकल आए और खुदाई का काम रुकवा दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। खतरे को देखते हुए आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों को बाहर निकाला गया। दो मकानों में रहने वाले चार परिवारों को दूसरी जगह भेजा गया, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
इमारत को संभालने के लिए शुरुआत में बांस की बल्लियों का सहारा लिया गया। बाद में क्रेन भी मौके पर मंगवाई गई। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता इमारत को और झुकने से रोकने और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।
सुशांत लोक में भी झुका था मकान, 12 परिवार निकाले गए थे: गुरुग्राम में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। पिछले सप्ताह सुशांत लोक फेज-1 के सी ब्लॉक में भी एक मकान के झुकने का मामला सामने आया था। वहां मकान नंबर 1770 में घटना के समय करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे।
खतरे को देखते हुए आसपास के तीन मकानों से 12 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। मकान को सहारा देने के लिए दो क्रेन लगाई गई थीं, लेकिन इसके बावजूद 48 घंटे के भीतर इमारत करीब पांच इंच तक झुक गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
खुदाई के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवाल: सेक्टर-31 और सुशांत लोक में सामने आई घटनाओं ने गुरुग्राम में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खाली प्लॉट में खुदाई शुरू करने से पहले आसपास की इमारतों की नींव और मिट्टी की स्थिति का आकलन करना जरूरी है। इसके साथ ही यह भी देखना अहम है कि खुदाई के दौरान आसपास के मकानों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी उपाय किए गए थे या नहीं।
सेक्टर-31 की घटना में अब यह जांच करना जरूरी होगा कि इमारत के झुकने की वजह क्या रही और खुदाई के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही प्रभावित इमारत को सुरक्षित रखने और आसपास के लोगों को किसी खतरे से बचाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं बता रही हैं कि शहर में निर्माण और खुदाई के कामों के दौरान सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में समय पर जांच और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, ताकि लोगों की जान और घर दोनों सुरक्षित रह सकें।




