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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सप्लाई बहाल करने का काम शुरू
चंडीगढ़: हरियाणा में पिछले दो दिनों से चल रही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ बैठक के बाद कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया। कर्मचारियों ने बिजली सप्लाई बहाल करने के लिए तुरंत काम पर लौटने की बात कही है।

पंचकूला में शुक्रवार को हुई बैठक में समानांतर बिजली लाइसेंस, निजीकरण और कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि हरियाणा सरकार बिजली क्षेत्र के निजीकरण के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली उपभोक्ताओं के हितों और कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर है।
समानांतर बिजली लाइसेंस के फैसले की होगी समीक्षा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) एक स्वतंत्र संस्था है और बिजली से जुड़े मामलों में कानून के तहत फैसले लेता है। आयोग के समानांतर बिजली लाइसेंस देने संबंधी आदेश के बाद पैदा हुई स्थिति को देखते हुए सरकार अब कानूनी रास्ता अपनाएगी।
उन्होंने बताया कि बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 108 के तहत आयोग को निर्देश देने और धारा 94 के तहत संबंधित आदेश की समीक्षा के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार इस मामले में कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है।
अनिल विज बोले, सरकार पहले दिन से कर रही है विरोध: ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि निजी कंपनी को समानांतर बिजली लाइसेंस देने के फैसले का राज्य सरकार ने शुरुआत से ही विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने इस संबंध में किसी निजी कंपनी से आवेदन नहीं मांगे थे, हालांकि कानून के तहत संबंधित कंपनी आयोग के सामने आवेदन कर सकती है।
विज ने बताया कि सरकार इस फैसले के खिलाफ कानूनी विकल्प अपनाने के पक्ष में है। बैठक में अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई तुरंत शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
3 नवंबर को फिर होगी बैठक: हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि बिजली कर्मचारी समानांतर बिजली लाइसेंस और निजीकरण के विरोध में पिछले दो दिनों से हड़ताल पर थे। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के साथ बातचीत में सरकार ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा और कर्मचारियों की चिंताओं को सुना।
बैठक के बाद यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने और कर्मचारियों को काम पर लौटने की घोषणा की। सरकार ने कर्मचारियों की बाकी मांगों पर बातचीत जारी रखने की बात कही है। इसके लिए अगली बैठक 3 नवंबर को तय की गई है।
अब लोगों की नजर बिजली सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने पर रहेगी।




