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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम की सड़कों को सुधारने के लिए 30, 60 और 90 दिन का प्लान, जोन-2 में आएंगी 100 कचरा गाड़ियां
गुरुग्राम में सड़कों की मरम्मत, सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को निर्देश। एक महीने बाद 20 सड़कों का निरीक्षण करेंगे अशोक कुमार मीणा।
गुरुग्राम, 24 अक्टूबर। शहर की सड़कों को बेहतर बनाने, सफाई व्यवस्था सुधारने और कचरे की समस्या पर लगाम लगाने के लिए अधिकारियों को 30, 60 और 90 दिन का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।

बैठक में सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को भरने, फुटपाथों की स्थिति सुधारने, नालों की सफाई, कचरा संग्रहण और लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई जैसे मुद्दों की समीक्षा की गई। अधिकारियों से कहा गया कि शहर की बाकी सड़कों को बेहतर बनाने के लिए तय समयसीमा के साथ काम किया जाए और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों का भी पालन हो।
मुख्य सड़कों पर सफाई और गड्ढों पर रहेगा फोकस: अशोक कुमार मीणा ने कहा कि शहर की मुख्य सड़कें साफ और व्यवस्थित दिखनी चाहिएं। सड़कों पर गड्ढे नहीं रहने चाहिएं और फुटपाथों की मरम्मत के साथ ग्रीन बेल्ट का रखरखाव भी किया जाए। नालों की सफाई और उनके कवर को ठीक रखने पर भी जोर दिया गया।
सड़कों के किनारे निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकला मलबा (C&D वेस्ट), बागवानी कचरा और अन्य कचरा जमा नहीं होने देने के निर्देश दिए गए। कुछ जगहों पर स्मार्ट डस्टबिन लगाने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर सफाई, सर्विस लेन और ग्रीन बेल्ट की स्थिति पर खास नजर रखने को कहा गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ समन्वय करने के निर्देश भी दिए गए।
जहां बार-बार कचरा डाला जा रहा है, वहां वजह पता करेंगे अधिकारी: शहर में कचरा फेंकने के लिए चिह्नित संवेदनशील जगहों यानी गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (GVP) की समस्या पर भी चर्चा हुई। मीणा ने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ कचरा उठाने से समस्या खत्म नहीं होगी। यह पता लगाना जरूरी है कि इन जगहों पर कचरा कौन और कहां से डाल रहा है।
अधिकारियों को कचरा डालने के स्रोत की पहचान कर ऐसा इंतजाम करने को कहा गया, जिससे इन जगहों पर बार-बार कचरा जमा न हो।
गलत तरीके से शिकायत बंद की तो तय होगी जिम्मेदारी: लोगों की शिकायतों के निपटारे को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि किसी शिकायत को बिना सही समाधान के बंद न किया जाए। शिकायत का निपटारा मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर होना चाहिए।
तय समय में शिकायत का समाधान नहीं होने पर लगने वाले जुर्माने के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाने और संबंधित एजेंसी व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा गया।
एक महीने बाद 20 सड़कों का निरीक्षण करेंगे मीणा: 100 रोड चैलेंज के तहत चल रहे कामों की समीक्षा करते हुए मीणा ने सड़कों और फुटपाथों की प्रगति पर नजर रखने के लिए एक मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए। इससे अधिकारियों को काम की स्थिति की नियमित जानकारी मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि करीब एक महीने बाद वे खुद सड़कों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान कम से कम 20 ऐसी सड़कों का दौरा किया जाएगा, जिन्हें तय मानकों के मुताबिक विकसित और व्यवस्थित किया गया होगा। अधिकारियों को काम की गुणवत्ता और समयसीमा का ध्यान रखने को कहा गया।
28 अक्टूबर को जोन-2 में तैनात होंगी 100 कचरा गाड़ियां: डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने बताया कि संबंधित एजेंसी 28 अक्टूबर को 100 गाड़ियां उपलब्ध कराएगी। इन गाड़ियों को नगर निगम के जोन-2 में लगाया जाएगा।
मीणा ने निर्देश दिए कि नई व्यवस्था शुरू होने के पहले दिन से ही इसकी निगरानी की जाए। गाड़ियों के रूट, तैनाती और कचरा उठाने की व्यवस्था पर नजर रखी जाए, ताकि लोगों को नियमित सेवा मिल सके।
रोड स्वीपिंग मशीनों से होने वाली सफाई की निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित संयुक्त आयुक्तों को सौंपी गई। मीणा ने यह भी कहा कि वे अगली बार औचक निरीक्षण कर मशीनों की कार्यप्रणाली और सफाई व्यवस्था का जायजा लेंगे।
सरकारी पोर्टल भी नियमित अपडेट करने के निर्देश: बैठक में इंजीनियरों को HEPW सहित संबंधित पोर्टलों पर जानकारी नियमित रूप से अपडेट करने को कहा गया। इसके लिए हर सप्ताह एक दिन तय कर पोर्टल पर दर्ज कामों की समीक्षा और जरूरी अपडेट करने के निर्देश दिए गए।
मीणा ने अधिकारियों से कहा कि सड़कों की हालत सुधारने, शहर को साफ रखने और लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान करने के लिए सभी कामों की नियमित निगरानी जरूरी है। उन्होंने तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।




