Bilkul Sateek News
Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
एमिटी स्कूल के छात्रों ने निकाली जागरूकता रैली, लोगों को दिया क्लीन दिवाली का संदेश
गुरुग्राम: दीपावली के त्योहार को रोशनी और खुशियों के साथ-साथ स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-46 के विद्यार्थियों ने खास पहल की। स्कूल के इंटरैक्ट क्लब की ओर से सेक्टर-46 में ‘क्लीन दिवाली’ जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को साफ-सफाई रखने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना दीपावली मनाने का संदेश दिया।

यह अभियान एमिटी ग्रुप ऑफ स्कूल्स एवं आरबीईएफ की चेयरपर्सन डॉ. अमिता चौहान और एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-46 की प्रधानाचार्या डॉ. आरती चोपड़ा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। अभियान में शामिल विद्यार्थियों ने इलाके के लोगों से बातचीत कर उन्हें दीपावली के दौरान बढ़ने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के नुकसान के बारे में बताया। साथ ही लोगों से अपील की कि वे त्योहार के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और पटाखों के अनावश्यक इस्तेमाल से बचें।
जागरूकता अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने केवल रैली ही नहीं निकाली, बल्कि लोगों के साथ सीधे संवाद भी किया। उन्होंने नागरिकों के छोटे-छोटे इंटरव्यू लिए और जागरूकता से जुड़े पर्चे बांटकर स्वच्छ एवं हरित दीपावली का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने नारों के जरिए लोगों को समझाया कि त्योहार की खुशियां मनाते समय पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों की सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है।
विद्यार्थियों ने लोगों को बताया कि पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता को खराब करता है, जबकि तेज आवाज वाले पटाखों से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में दीपावली को रोशनी, मिठाइयों और परिवार के साथ खुशियां बांटकर मनाना चाहिए, न कि प्रदूषण बढ़ाकर।
इस मौके पर स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. आरती चोपड़ा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियां तभी मायने रखती हैं, जब उनका असर प्रकृति और समाज पर अच्छा हो। स्वच्छ दीपावली सिर्फ एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है।
एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की इस पहल के जरिए विद्यार्थियों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पर्यावरण की सुरक्षा की शुरुआत छोटी-छोटी कोशिशों से होती है। अगर हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे और त्योहारों को पर्यावरण के अनुकूल मनाए, तो प्रदूषण को कम करने में काफी मदद मिल सकती है। विद्यार्थियों की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि बदलाव की शुरुआत स्कूल और बच्चों से भी हो सकती है।




