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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने GRAP के तीसरे चरण यानी GRAP-3 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली समेत पूरे NCR में अब प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। पहले से लागू GRAP-1 और GRAP-2 के नियम भी जारी रहेंगे।

आयोग ने यह फैसला दिल्ली की हवा की बिगड़ती स्थिति और आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका को देखते हुए लिया है। 6 नवंबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 382 दर्ज किया गया था, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रदूषक तत्व हवा में ठीक से फैल नहीं पा रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) और IITM के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में AQI के गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका जताई गई थी। इसी को देखते हुए GRAP-3 लागू करने का फैसला लिया गया।
निर्माण कार्यों पर लगेगी रोक, कई गतिविधियां होंगी बंद: GRAP-3 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में धूल और प्रदूषण फैलाने वाले निर्माण कार्यों पर सख्ती की जाएगी। इसके तहत खुदाई, मिट्टी भरने, ड्रिलिंग, पाइलिंग, तोड़फोड़, ईंट-चिनाई, सड़क निर्माण और बड़े स्तर पर मरम्मत जैसे कामों पर रोक रहेगी।
इसके अलावा सीमेंट, प्लास्टर, टाइल्स और पत्थरों की कटाई-घिसाई जैसे धूल फैलाने वाले काम भी प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल हैं। खुले में खुदाई करके सीवर, पानी और बिजली की लाइन बिछाने के काम पर भी रोक रहेगी।
हालांकि, हर तरह के निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक नहीं होगी। मेट्रो, रेलवे, एयरपोर्ट, अस्पताल, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट, हाईवे और कुछ जरूरी सार्वजनिक परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के साथ छूट दी गई है। गड्ढों की मरम्मत जैसे जरूरी काम भी जारी रह सकेंगे।
स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियां भी बंद: प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए पूरे NCR में स्टोन क्रशर का संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही खनन और उससे जुड़ी सभी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। इसका असर दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के NCR में आने वाले इलाकों पर भी पड़ेगा। संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को इन नियमों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
गाड़ियों को लेकर भी सख्त नियम: GRAP-3 के तहत वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। दिल्ली और NCR के ज्यादा वाहन दबाव वाले जिलों में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल या इससे पुराने मानक वाली चार पहिया हल्की गाड़ियों के चलने पर सख्त पाबंदियां लगाने का निर्देश दिया गया है।
इसमें उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के साथ हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत शामिल हैं।
दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से तैयार BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल गाड़ियों को निजी इस्तेमाल के लिए छूट दी गई है।
इसके अलावा दिल्ली में BS-4 और इससे पुराने मानक वाले डीजल मीडियम गुड्स व्हीकल (MGV) पर सख्ती की जाएगी। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसी गाड़ियों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-4 और पुराने डीजल लाइट गुड्स व्हीकल (LGV) के प्रवेश पर भी रोक रहेगी।
पांचवीं तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में: प्रदूषण का असर बच्चों की सेहत पर न पड़े, इसके लिए स्कूलों को लेकर भी अहम निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी।
इसका मतलब है कि बच्चे स्कूल जाकर ऑफलाइन पढ़ाई करने के साथ ऑनलाइन क्लास का विकल्प भी चुन सकेंगे। जहां ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, वहां इसका विकल्प चुनने का फैसला बच्चों और उनके अभिभावकों पर रहेगा।
NCR के दूसरे जिलों में भी राज्य सरकारें पांचवीं तक की कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में चलाने पर विचार कर सकती हैं।
सरकारी और निजी दफ्तरों में भी लागू हो सकता है वर्क फ्रॉम होम: GRAP-3 के तहत दिल्ली-NCR में सरकारी, नगर निकाय और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने और बाकी कर्मचारियों से घर से काम कराने का फैसला लेने के लिए राज्य सरकारों को कहा गया है।
केंद्र सरकार के कार्यालयों में भी वर्क फ्रॉम होम लागू करने को लेकर संबंधित विभाग उचित फैसला ले सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि आदेश में इसे सरकारों के फैसले पर छोड़ा गया है, यानी सभी दफ्तरों में 50 प्रतिशत उपस्थिति का नियम अपने आप लागू होने की बात नहीं कही गई है।
लोगों को भी बरतनी होगी सावधान: CAQM ने सरकारी एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं लोगों से भी अपील की गई है कि वे छोटी दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें। निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग को प्राथमिकता दें।
इसके अलावा कोयले और लकड़ी का इस्तेमाल करके हीटिंग करने से बचने, कूड़ा या अन्य चीजें खुले में नहीं जलाने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की शिकायत संबंधित ऐप के जरिए करने की सलाह दी गई है।
आयोग की GRAP सब-कमेटी दिल्ली की हवा और मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखेगी। जरूरत के मुताबिक आगे भी फैसले लिए जाएंगे। फिलहाल दिल्ली-NCR में GRAP-1, GRAP-2 और GRAP-3 के तहत जारी सभी संबंधित नियमों का पालन करना होगा।




