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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम की 100 सड़कों का कायाकल्प अंतिम चरण में, 90% काम पूरा
गुरुग्राम में 30 दिन के भीतर 100 सड़कों को सुधारने का लक्ष्य, एमसीजी और जीएमडीए ने पूरा किया 90 फीसदी काम; सेक्टर-29 की पांचों सड़कों का काम भी लगभग पूरा
गुरुग्राम, 6 नवंबर। साइबर सिटी गुरुग्राम की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए शुरू किया गया ’30 डेज चैलेंज’ अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। शहर की 100 सड़कों को महज 30 दिन में सुधारने के लक्ष्य के तहत नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने अपने हिस्से का करीब 90 फीसदी काम पूरा कर लिया है। वहीं, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टर-29 की जिम्मेदारी वाली सभी पांचों सड़कों पर काम लगभग पूरा कर लिया है।

शुक्रवार को हरियाणा सरकार के शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने 14वीं जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में इस अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अब तक हुए काम का ब्योरा दिया और बताया कि अभियान के तहत सड़कों, फुटपाथों और ग्रीन बेल्ट को बेहतर बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत गुरुग्राम की कम से कम 500 मीटर लंबी 100 सड़कों को एक महीने के भीतर बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए तीन एजेंसियों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। नगर निगम गुरुग्राम को 75 सड़कें, जीएमडीए को 20 और एचएसवीपी को पांच सड़कें सुधारने का जिम्मा सौंपा गया था।
एमसीजी और जीएमडीए के 90 फीसदी काम पूरा होने का दावा: बैठक में नगर निगम के मुख्य अभियंता विजय ढाका ने बताया कि एमसीजी अपने हिस्से का करीब 90 फीसदी काम पूरा कर चुका है। वहीं, जीएमडीए के अधिकारियों ने बताया कि उनके क्षेत्र में सड़कों के किनारे पेड़ों की छंटाई, फुटपाथों की मरम्मत और ग्रीन बेल्ट को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। इन कार्यों में भी करीब 90 फीसदी प्रगति हो चुकी है।
सड़कों के आसपास के हिस्सों को सुंदर बनाने के लिए प्रमुख मार्गों के किनारे बड़े फ्लावर पॉट भी लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट में जमा मलबा हटाने और सड़क किनारे फैली पेड़ों की टहनियों की छंटाई पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाली सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का भी तय समय में समाधान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शुरू हुआ था 30 डेज चैलेंज: गुरुग्राम की सड़कों और फुटपाथों की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2 अक्टूबर को गुरुग्राम के लोक निर्माण विश्राम गृह में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने शहर से गंदगी हटाने और सड़कों के साथ फुटपाथों को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया था।
इसके बाद मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर 30 दिन में 100 सड़कों की हालत सुधारने का लक्ष्य दिया। इसी लक्ष्य को ’30 डेज चैलेंज’ नाम दिया गया। एमसीजी, जीएमडीए और एचएसवीपी ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी के मुताबिक काम शुरू किया।
त्योहारों के बीच भी जारी रहा काम: त्योहारी सीजन के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता को लेकर चुनौतियां जरूर सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद अभियान के काम में तेजी बनाए रखी गई। इस दौरान सड़कों की कारपेटिंग, फुटपाथों की मरम्मत, ग्रीन बेल्ट से मलबा हटाने और पेड़ों की टहनियों की छंटाई जैसे काम किए गए।
अभियान की रफ्तार बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी रोजाना काम की निगरानी भी करते रहे। अब जबकि ज्यादातर काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है, ऐसे में बाकी बचे कार्यों को भी जल्द पूरा करने पर जोर है।




