ज्वालामुखी, 19 जनवरी। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र एक गांव में सुबह का स्नान। व्यास नदी के किनारे की पहाड़ियों के बीच घिरी इस बाईं (बावड़ी) में प्राकृतिक रूप से सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडा पानी होता है। आसपास के ग्रामीण यहां आकर स्नान करने के साथ-साथ पीने का पानी भी ले जाते हैं। बाईं में तैरती मछलियां आंखों को सुकून दे जाती हैं। बाईं के सामने ही व्यास नदी के दूसरे किनारे पर पांडवकालीन महाकालेश्वर (पंचतीर्थी) मंदिर स्थित है।




