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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
गुरुग्राम में अवैध निर्माण पर फिलहाल ब्रेक, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
160 से ज्यादा मकान हो चुके हैं सील, डीएलएफ और सुशांत लोक समेत कई लाइसेंस कॉलोनियों में हुई थी कार्रवाई; सुप्रीम कोर्ट में 3 नवंबर और हाईकोर्ट में 23 नवंबर को अगली सुनवाई
गुरुग्राम: शहर की लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में अवैध निर्माण और रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने के मामलों में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की कार्रवाई फिलहाल थम गई है। सुप्रीम कोर्ट ने गौरव कोहली बनाम हरियाणा सरकार मामले में सुनवाई के दौरान तोड़फोड़ की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद अब मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर 2026 को होगी। वहीं, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 23 नवंबर की तारीख तय की गई है।

गुरुग्राम में विभाग की ओर से पिछले कुछ समय से लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में भवन नियमों के उल्लंघन और रिहायशी संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान 160 से अधिक मकानों को सील किया जा चुका है। डीएलएफ फेज-3, डीएलएफ फेज-4, सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 समेत कई इलाकों में विभाग की टीम कार्रवाई कर चुकी है।
160 से ज्यादा मकानों पर हो चुकी है कार्रवाई: टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जिला नगर योजनाकार इंफोर्समेंट अमित मधोलिया के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत उन संपत्तियों को निशाना बनाया गया, जहां रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं या स्वीकृत भवन योजना का उल्लंघन किया गया था। विभाग की कार्रवाई के चलते कई संपत्तियों पर सीलिंग और तोड़फोड़ की गई।
अब सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद इस कार्रवाई की आगे की दिशा अदालत में होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगी। हालांकि, आदेश का दायरा और अन्य संबंधित मामलों पर इसका प्रभाव अदालत के निर्देशों के अनुसार ही तय होगा।
विभाग के अधिकार क्षेत्र का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: यह विवाद टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के कार्रवाई करने के अधिकार क्षेत्र से भी जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (सी) नंबर 035321/2026 के तहत याचिका दायर कर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। इसी कानूनी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार, 13 अक्टूबर को सुनवाई हुई।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण के मुताबिक, मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पामिडिघंतम नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध थी। अदालत ने फिलहाल तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 3 नवंबर के लिए तय की है।
हाईकोर्ट में अब 23 नवंबर को सुनवाई: डीएलएफ फेज-1 से फेज-5 तक रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े मामले की सुनवाई मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी प्रस्तावित थी। मामला मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था, लेकिन संबंधित अधिकार क्षेत्र का विवाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने और वहां सुनवाई होने के चलते हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी।
अब इस मामले में हाईकोर्ट 23 नवंबर को सुनवाई करेगा। इससे पहले 3 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी, क्योंकि आगे की कानूनी प्रक्रिया और विभाग की कार्रवाई को लेकर अदालत के निर्देश अहम होंगे। फिलहाल, लाइसेंस कॉलोनियों में चल रही तोड़फोड़ की कार्रवाई पर लगी रोक से प्रभावित संपत्ति मालिकों को राहत मिली है।




