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Reporter: Pardeep Narula
Author: Pardeep Narula
रोहित गोदारा-लिपिन नेहरा गैंग पर गुरुग्राम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 गिरफ्तार
गुरुग्राम, 24 अगस्त 2026: गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा सोहना ने संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहित गोदारा और लिपिन नेहरा गैंग से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पुरानी रंजिश के चलते विरोधी गैंग के दो लोगों की हत्या की तैयारी में थे। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने उनकी कथित योजना को नाकाम कर दिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 40 लाख रुपये कीमत के 4 विदेशी पिस्टल, जिनमें एक Zigana और तीन PX30 शामिल हैं, इसके अलावा 2 देसी पिस्टल, एक राइफल, 33 जिंदा कारतूस, 9 मैगजीन और एक Scorpio गाड़ी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 18 अगस्त 2026 को भोंडसी थाने में BNS की धारा 111(3), 111(4) और 111(6) के तहत केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को इन आरोपियों के एक संगठित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होने और गुरुग्राम समेत हरियाणा, राजस्थान, पंजाब तथा Delhi-NCR में रंगदारी और हत्या जैसी वारदातों की तैयारी की जानकारी मिली।
विरोधी गैंग के दो लोगों की हत्या की तैयारी का आरोप: पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पुरानी रंजिश के चलते विरोधी पक्ष के दो लोगों को निशाना बनाने की तैयारी में थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी हथियारों से लैस होकर वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। Crime Branch Sohna की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें समय रहते गिरफ्तार कर लिया।
अलग-अलग जगहों से हुई गिरफ्तारियां: पुलिस ने 19 अगस्त को अलीपुर मोड़, भोंडसी इलाके से सलीम, मोहित, नरेंद्र उर्फ सोनू और ललित को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसी दिन दयाराम को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 24 अगस्त को आर्यन उर्फ रितेश को हरियाहेड़ा मोड़, भोंडसी से पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलीम निवासी हरियाहेड़ा, सोहना; मोहित निवासी मान्दक, टप्पल, अलीगढ़; नरेंद्र उर्फ सोनू निवासी अलीपुर, सोहना; ललित निवासी रानियावास, कोटकासिम, अलवर; दयाराम निवासी भूड़का, बिलासपुर और आर्यन उर्फ रितेश निवासी जटवाड़ा, सालावास, झज्जर के रूप में हुई है।
विदेश में बैठे सहयोगियों से संपर्क का दावा: पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गैंग के काम करने के तरीके से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। आरोपियों का संपर्क विदेश में बैठे सहयोगियों और भारत में मौजूद गैंग के सदस्यों से Social Media और दूसरे communication माध्यमों के जरिए होने की बात सामने आई है।
पुलिस का दावा है कि नए और पुराने अपराधियों को गैंग से जोड़कर रंगदारी वसूलने, हथियारों की व्यवस्था करने और shooters के जरिए आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई जाती थी। रंगदारी से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल हथियार और कारतूस खरीदने तथा आरोपियों को फरारी के दौरान मदद पहुंचाने में किया जाता था।
कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, नरेंद्र उर्फ सोनू पर 21, सलीम पर 10, मोहित पर 2, आर्यन उर्फ रितेश पर 4 और दयाराम पर 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट/डकैती, आपराधिक साजिश, धमकी और Arms Act समेत कई गंभीर धाराएं शामिल हैं।
दूसरे आरोपियों और हथियार सप्लायरों की तलाश: गुरुग्राम पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, हथियार सप्लायरों, संभावित shooters और रंगदारी नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस की ओर से अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
गुरुग्राम पुलिस ने कहा है कि organized crime, extortion, illegal weapons और gang war के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मामले में जांच अभी जारी है।




