Bilkul Sateek News
गुरुग्राम, 8 सितंबर। गुरुग्राम में कल देर रात ऐपरल हाउस के खचाखच भरे हुए सभागार में नृत्याभिनय नामक सामाजिक संस्था जो पिछले 20 साल से देश में कला, नृत्य, संगीत संस्कृति के प्रोत्साहन, प्रचार प्रसार के लिए लगातार निःस्वार्थ सेवा भाव से कार्य कर रही है के द्वारा कला संगम महोत्सव, चैप्टर 3 आयोजित किया गया।
इस संस्था का संचालन गुरु कविता मोहंती कर रही है, जिन्हें राष्ट्रीय नृत्य शिरोमणि, नृत्य भूषण एवं ब्रज कादंबरी सम्मान जैसी कई उपाधियों से नवाजा गया है। इस वर्ष का मुख्य थीम था ‘कला के द्वारा देश की सेवा’ यह जानकारी संस्था से जुड़े हुए वरिष्ठ सदस्य विजय अग्रवाल ने दी।
कला संगम महोत्सव का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री श्रीपद नायक ने किया। हिरणय मोहंती ने अंगवस्त्र पहनाकर और स्मृतिचिन्ह देकर उनका सम्मान किया।
संगीत और छायांकन के द्वारा बताया गया कि ईसा पूर्व कलिंग प्रदेश एक संपन्न, शक्तिशाली और पूर्ण रूप से विकसित तथा कल और संगीत से भरपूर प्रदेश था। महान सम्राट अशोक ने कलिंग पर चढ़ाई की और युद्ध में हजारों लोग मारे गए। इस नरसंहार से अशोक का हृदय विचलित हो गया और उसने महात्मा बुद्ध की शरण लेकर अहिंसा और प्रेम का संदेश पूरे विश्व में फैलाया।
अशोक चक्र में जो 24 लाइनें हैं वह क्या संदेश देती हैं यह नृत्य और संगीत के द्वारा बड़े खूबसूरत तरीके से दर्शाया गया।
गुरु श्री गंगाधर दास ने अपनी टीम के साथ संभलपुरी नृत्य और संगीत की बहुत शानदार प्रस्तुति पेश की, जिससे पूरा हाल तालियों से गड़गड़ा उठा। छाऊ नृत्य एवं वाद्य, छाऊ नृत्य, उड़ीसा के अन्य पारंपरिक नृत्य और वाद्य यंत्रों का संगीत प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी दर्शकों का मन मोह लिया।
मंच का संचालन बहुत ही कुशलतापूर्वक हिरण्य मोहंती, गुरु कविता के पति ने किया।
इस अवसर पर संजीव गड़कर, आईएएस, सत्यजीत मोहंती, आईएएस, पुष्कल उपाध्याय, जावेद अशरफ, गोकुल बिहारी पांड्या, निर्मल रथ, वरिष्ठ पत्रकार अनिल आर्य, गुड़गांव टुडे, अमन गुप्ता, रण टाइम्स, प्रकाश साहू, सिद्धार्थ गुप्ता, राजीव छाबड़ा, रितु पांड्या, नेहा अग्रवाल, सेवाश्री, कृष्णा आदि उपस्थित रहे।




